अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा न करार देने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील को केंद्र सरकार द्वारा वापस लेने के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय को इस संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते दिया है।
मालूम हो कि पिछले दिनों मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली पूर्व यूपीए सरकार द्वारा दाखिल की गई अपील को वापस लेना चाहती है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पीपी राव ने सोमवार को न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पीठ केसमक्ष कहा कि उन्हें केंद्र केहलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए कुछ वक्त दिया जाए। वरिष्ठ वकील के आग्रह को स्वीकार करते हुए पीठ ने उन्हें चार हफ्ते का वक्त दे दिया। सनद रहे कि विश्वविद्यालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दे रखी है।