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Amritpal Case: पांच दिन में बने 2559 ट्विटर हैंडल, 'हैशटैग अमृतपाल' चलाया, कनाडा-अमेरिका-ब्रिटेन में बनी योजना

सार

पंजाब में अमृतपाल मामले को लेकर जैसे-जैसे कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है, वैसे ही जांच एजेंसी और खुफिया एजेंसियों के पास दुनियाभर के तमाम इनपुट्स आते जा रहे हैं। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब में माहौल को खराब करने के लिए अचानक से टि्वटर अकाउंट खुलने की सूचनाएं आने लगीं।
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अमृतपाल सिंह। - फोटो : twitter
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विस्तार
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खालिस्तान की मांग करने वाले अमृतपाल पर जैसे ही कानूनी शिकंजा कसना शुरू हुआ ठीक उसी दरम्यान अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और दुबई से अपने देश में माहौल को बिगाड़ने के लिए ट्विटर अकाउंट बनाए जाने लगे। खुफिया एजेंसियों के इनपुट से मिली जानकारी के मुताबिक, 15 मार्च से लेकर 19 मार्च तक 2559 नए टि्वटर अकाउंट बनाए गए। जो न सिर्फ अमृतपाल मामले में हैशटैग का अभियान चला रहे थे, बल्कि माहौल को बिगाड़ने के लिए कई नफरती ट्वीट्स को रिट्वीट कर रहे थे। इसके अलावा कई ट्विटर अकाउंट ऐसे भी पाए गए हैं जो 2020 के  किसान आंदोलन के दौरान भी माहौल खराब कर रहे थे और अब भी वही अकाउंट माहौल खराब करने में लगे हैं। फिलहाल खुफिया एजेंसियों ने इन सभी टि्वटर अकाउंट के आईपी ऐड्रेस के माध्यम से पूरी जानकारी एकत्रित कर ली है। जल्द ही इस मामले में बड़ी कारवाई शुरू होगी। जबकि विदेशों में वहां की संबंधित जांच एजेंसियों के माध्यम से कार्रवाई किए जाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

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पंजाब में अमृतपाल मामले को लेकर जैसे-जैसे कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है, वैसे ही जांच एजेंसी और खुफिया एजेंसियों के पास दुनियाभर के तमाम इनपुट्स आते जा रहे हैं। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब में माहौल को खराब करने के लिए अचानक से टि्वटर अकाउंट खुलने की सूचनाएं आने लगीं। खास बात यह रही कि यह टि्वटर अकाउंट उस वक्त खोले गए जब पंजाब में खालिस्तान की मांग करने वाले अमृतपाल पर कानून का शिकंजा कसने जा रहा था। 
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सूत्रों के मुताबिक, 15 मार्च से लेकर 19 मार्च के बीच में 2559 टि्वटर अकाउंट दुनिया के अलग-अलग देशों में खोले गए। इस पूरे मामले में पड़ताल करने वाली जुटी जांच एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि इसमें ज्यादातर अकाउंट कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई और पंजाब के कुछ इलाकों में खोले गए। सूत्रों का कहना है कि जैसे ही अमृतपाल की गिरफ्तारी की चर्चा शुरू हुई तो अचानक 17 मार्च को अमृतपाल का सपोर्ट करने वाले 820 ट्विटर अकाउंट अचानक बनाए गए। जो एक दिन में सबसे ज्यादा अकाउंट्स बने।

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जांच एजेंसियों का कहना है कि पंजाब में जैसे ही अमृतपाल की गिरफ्तारी को लेकर सरगर्मियां शुरू हुई तो सिर्फ पंजाब पुलिस ही नहीं, बल्कि देश की पूरी इंटेलिजेंस यूनिट हरकत में आ गई। सूत्रों के मुताबिक चूंकि सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल को खराब किए जाने की आशंका पहले से ही थी। इसीलिए अमृतपाल से संबंधित ट्वीट करने वालों पर नजर रखी जाने लगी। इस पूरे मामले में जांच कर रहे खुफिया एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि जैसे ही अमृतपाल पर शिकंजा कसे जाने की तैयारियां शुरू हुई तो अचानक से अमृतपाल के बचाव में हैशटैग का अभियान शुरू कर दिया गया। उस दौरान ही उन सभी ट्विटर अकाउंट को चेक किया जाने लगा जिन पर पहले से शक था। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस दौरान पता चला कि पहले से बने हुए ट्विटर अकाउंट से तो माहौल खराब ही किया जा रहा है साथ में कुछ नए अकाउंट भी अचानक सामने आए हैं। इस पूरे मामले में जब पड़ताल की गई तो पता चला कि पंजाब और देश को अस्थिर करने के साथ माहौल बिगाड़ने के लिए खालिस्तान समर्थकों ने ऐसे कई टि्वटर अकाउंट बना लिए हैं।

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जानकारी के मुताबिक जो भी ट्विटर अकाउंट पहले से बने हुए थे या जिनको बाद में तैयार किया गया वह मानवाधिकार के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने की पूरी कोशिश कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि अमृतपाल कि पंजाब में की जाने वाली सभी गतिविधियों को यह टि्वटर हैंडल मानवाधिकार की कार्य योजना बताते हुए उस को बढ़ावा दे रहे थे। इसमें खालिस्तान समर्थक सिख संगठन के अलावा कनाडा के नेताओं समेत कई सेलिब्रिटी भी शामिल है। जो इस पूरे अभियान को सिख युवाओं को भड़काने के साथ-साथ माहौल खराब करने के लिए न सिर्फ ट्वीट कर रहे थे बल्कि खालिस्तान का प्रोपेगेंडा भी चला रहे थे। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान स्ट्रेटेजिक फोरम (पीएसएफ) ने भी पंजाब में माहौल खराब करने के लिए अमृतपाल और खालिस्तान के हैशटैग का जमकर इस्तेमाल किया। इसके अलावा सिख फॉर जस्टिस और प्रो खालिस्तान सेपरेटिस्ट्स एंड पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के समर्थकों की ओर से न सिर्फ ट्वीट किए जा रहे थे बल्कि इसको आगे भी बढ़ा रहे थे। 

सोशल मीडिया के माध्यम से अमृतपाल के मामले को आगे बढ़ाने और पंजाब में हिंसा करने का आधार तैयार करने की जांच कर रहे सूत्रों का कहना है इस पूरे मामले में बहुत ही सधी हुई रणनीति के साथ काम किया जा रहा था। सूत्रों का कहना है कि पहले अमृतपाल के मामले में हैशटैग चला। उसके बाद उसी रणनीति के अनुसार जो नए ट्विटर अकाउंट बने थे और जो पहले से इस पूरे मामले में अमृतपाल का साथ दे रहे थे, उनको रिट्वीट भी किया जा रहा था। जांच एजेंसियों की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक सिख फेमिनिस्ट नाम के ट्विटर अकाउंट से पंजाब के हालातों पर लगातार भी ट्वीट किए जा रहे थे। 
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सूत्रों का कहना है कि ऐसे बहुत सारे टि्वटर अकाउंट थे जिनको जांचने के बाद पता चला कि सभी ट्विटर अकाउंट सिर्फ इसी मकसद से तैयार हुए थे जो पंजाब मामले को रिट्वीट करें और माहौल को खराब करें। क्योंकि अब उन सभी ट्विटर अकाउंट की जानकारी हमारे देश की खुफिया एजेंसियों के पास है जिससे माहौल खराब किया जा रहा था। उनके खिलाफ अपने देश के कानून के मुताबिक तो कारवाई तो होगी ही। लेकिन जिन लोगों की आईपी एड्रेस के माध्यम से टि्वटर अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई है उनके खिलाफ उनके देश में कार्रवाई करने के लिए उनकी सरकार को कहा जा रहा है।

इस पूरे मामले की जांच में एक और अहम बात सामने आई है। पता यह भी चला है कि अमृतपाल का सपोर्ट करने वाले ऐसे कई ट्विटर अकाउंट भी सामने आए हैं जो कि 2020 में किसान आंदोलन का समर्थन करते थे। और अब पंजाब में अमृतपाल मामले में समर्थन करते हुए ट्वीट और रिट्वीट कर रहे हैं। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में नजर रखी जा रही है। जहां तक माहौल खराब करने की कोशिश की बात है तो पंजाब में फिलहाल इंटरनेट की सेवाएं बंद है। इसलिए सोशल मीडिया के माध्यम से किसी तरीके का माहौल खराब होने की गुंजाइश ना के बराबर है। 

रही बात दुनिया के अलग-अलग देशों के माध्यम से अपने देश में फैलाए जाने वाली अफवाहों की, तो उन पर सभी तकनीकी एक्सपर्ट्स और जांच एजेंसी से जुड़े लोग बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं। देश की प्रमुख खुफिया एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि एक बात तो तय है जिन लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल खराब करने की कोशिश की है या फेक अकाउंट बनाए हैं उनके सबके खिलाफ कार्रवाई तो तय है। 


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