प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमृत भारत स्टेशन योजना लॉन्च कर दी। इस योजना के तहत करीब 25 हजार करोड़ रुपए की लागत से देश के 508 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा। इस योजना के तहत देश के 1275 रेलवे स्टेशन विकसित/आधुनिक किए जाने हैं और अभी पहले चरण के तहत 508 अमृत भारत रेलवे स्टेशन के विकास की शुरुआत हो गई है। भारत के आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में यह अहम कदम है। आइए जानते हैं इस योजना के अहम पांच पॉइंट्स...
1. योजना के पहले चरण के तहत देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 508 रेलवे स्टेशन आधुनिक बनाए जाएंगे।
2. पहले चरण में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश और राजस्थान के रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले चरण में उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 55-55 रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनके अलावा बिहार के 49, महाराष्ट्र के 44, पश्चिम बंगाल के 37, मध्य प्रदेश के 34, असम के 32, ओडिशा के 25, पंजाब के 22, गुजरात और तेलंगाना के 21-21, झारखंड के 20, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के 18-18, हरियाणा के 15 और कर्नाटक के 13 रेलवे स्टेशन अमृत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक बनाए जाएंगे।
3. प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि स्टेशनों के डिजाइन स्थानीय संस्कृति और विरासत से प्रेरित होंगे। स्टेशनों में दिव्यांगजनों की सुविधाओं का भी खास ख्याल रखा जाएगा।
4. अमृत भारत स्टेशन योजना के पहले चरण के विकास में करीब 24,470 करोड़ रुपए खर्च होंगे। योजना के तहत विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचे का निर्माण किया जाएगा। जिसमें मल्टीलेवल पार्किंग, अलग-अलग एंट्री और एग्जिट गेट, एग्जीक्यूटिव लाउंज, सीसीटीवी कैमरे से निगरानी, लिफ्ट, एस्केलेटर, मुफ्त वाई-फाई, शॉपिंग कॉम्पेक्स, फूड कोर्ट, गेमिंग जोन जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
5. योजना के तहत विकसित किए गए स्टेशनों में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर ट्रैफिक सर्कुलेशन और इंटर मॉडल इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इस योजना के तहत दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ निरंतर आधार पर रेलवे स्टेशनों का विकास किया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से इस योजना को लागू किया जाएगा। जिसमें सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, शौचालय, स्वच्छता, कियोस्क जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी।
योजना की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस अमृत काल की शुरुआत में विकसित राष्ट्र बनने के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है। यह नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और नए संकल्प के साथ भारतीय रेलवे के इतिहास में नए अध्याय की शुरुआत है।