सीबीआई ने एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के पूर्व अध्यक्ष आकार पटेल के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) को रद्द करने के विशेष अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इसके बाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तलवंत सिंह ने बुधवार को सीबीआई की याचिका पर सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया।
विशेष अदालत ने 16 अप्रैल को मजिस्ट्रेट अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें पटेल के खिलाफ सीबीआई की एलओसी रद्द कर दी गई थी। हालांकि, विशेष सीबीआई न्यायाधीश संतोष स्नेही मान ने सीबीआई निदेशक को पटेल से लिखित माफी मांगने के मजिस्ट्रेट के निर्देश को खारिज करते हुए सीबीआई को आंशिक राहत दी थी।
सीबीआई की और से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने विशेष अदालत के आदेश को गलत बताते हुए खारिज करने का आग्रह किया। पटेल की ओर से पेश अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर ने सीबीआई की याचिका का विरोध किया। पटेल के खिलाफ एलओसी कथित तौर पर वाणिज्यिक तरीकों के माध्यम से विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत नियमों के उल्लंघन के संबंध में जारी किया गया था, जब एमनेस्टी यूके ने अपनी भारतीय संस्थाओं को 10 करोड़ और बाद में 26 करोड़ रुपये भेजे थे।
आकारा पटेल ने स्वयं को विदेश जाने से रोकने के निर्णय के खिलाफ अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत का रुख किया, जिसने एलओसी को रद्द कर दिया और सीबीआई निदेशक को पटेल से लिखित माफी मांगने का भी निर्देश दिया। एसीएमएम के आदेश के बाद पटेल ने फिर से अमेरिका के लिए टिकट बुक किया, लेकिन 7 अप्रैल को आव्रजन अधिकारियों द्वारा उन्हें एक बार फिर बेंगलुरु हवाई अड्डे पर रोक दिया गया क्योंकि सीबीआई ने एलओसी वापस नहीं लिया था।