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काटजू के "खाली दिमाग" वाले बयान का अमिताभ ने दिया जवाब

Tue, 20 Sep 2016 10:09 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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मार्कंडेय काटजू ने कहा कि मेरी जिंदगी के सबसे अच्छे दिन अब जा चुके - फोटो : Twitter
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जस्टिस काटजू की विवादित फेसबुक पोस्ट्स का सिलसिला बदस्तूर जारी है। काटजू ने इस बार सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को निशाने पर लिया। उन्होंने 17 सितंबर को फेसबुक पेज पर अमिताभ को निशाने पर लेते हुए लिखा था, 'अमिताभ बच्चन का दिमाग खाली है और चूंकि अधिकतर मीडियाकर्मी उनकी तारीफ करते नहीं अघाते, मुझे लगता है कि उनका भी दिमाग खाली है।' इसके बाद उन्होंने एक विस्तृत पोस्ट लिखी। 
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' If you cannot give the people bread, give them circuses ". pic.twitter.com/SMpsXEvGUW— Markandey Katju (@mkatju) September 17, 2016

amitabh bachchan
लेकिन बिग बी ने इस मामले को ज्यादा तूल नहीं दिया काटजू के 'खाली दिमाग' कहने का हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया। अमिताभ ने एक संवाददाता सम्मेलन में इस मामले से जुड़े सवाल के जवाब में कहा, "मेरा दिमाग खाली है। वह(काटजू) सही हैं, मेरा दिमाग खल्लास (खत्म) है। उन्होंने काटजू की टिप्पणी पर आगे कहा, "हम एक ही स्कूल में पढ़े हैं, वह मेरे सीनियर थे, हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है।"

अपनी फेसबुक पोस्ट और बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कन्डेय काटजू हमेशा विवादों में रहते हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने मदर टेरेसा को लेकर फ्रॉड बताया था, इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हुई। 

रोमन शासक कहते थे ‘अगर आप जनता को रोटी नहीं दे सकते तो उन्हें सर्कस दीजिए: काटजू

काटजू - फोटो : fecebook
 फेसबुक पर लिखा, ‘जब मैंने पोस्ट डाला कि अमिताभ बच्चन के दिमाग में कुछ नहीं है, तो कई लोगों ने मुझसे कहा कि मैं अपनी बात जरा विस्तार में लिखूं। इसलिए मैं लिख रहा हूं। कार्ल मार्क्‍स ने कहा था कि धर्म जनसमुदाय के लिए अफीम की तरह है जिसका इस्‍तेमाल शासक वर्ग लोगों को शांत रखने के लिए ड्रग्‍स की तरह करता है ताकि वे विद्रोह नहीं कर सकें। हालांकि, भारतीय जनसमुदाय को शांत रखने के लिए कई तरह के ड्रग्‍स हैं। धर्म इनमें से एक है। इसके अलावा फिल्‍म्‍स, मीडिया, क्रिकेट, बाबा आदि भी हैं।’ काटजू ने आगे अमिताभ के बारे में किए गए अपने पोस्ट के पीछे वजह बताते हुए लिखा,’ऐसा ही एक तगड़ा नशा फिल्मों का भी है। रोमन शासक कहते थे ‘अगर आप जनता को रोटी नहीं दे सकते तो उन्हें सर्कस दीजिए। हमारी ज्यादातर फिल्में किसी सर्कस से कम नहीं हैं जो हमारे शासक लोगों को इसलिए परोसते हैं क्योंकि वह उन्हें रोजी-रोटी तो दे नहीं सकते।’
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अमिताभ बच्‍चन की फिल्‍में ड्रग्‍स की तरह हैंः काटजू

amitabh bachchan
​काटजू ने आगे लिखा, ‘देव आनंद, शम्‍मी कपूर, राजेश खन्‍ना की तरह अमिताभ बच्‍चन की फिल्‍में ड्रग्‍स की तरह हैं जो लोगों को भरोसा करने वाले संसार में ले जाती हैं। इस हिसाब से ये फिल्‍में हमारे शासकों के लिए काफी उपयोगी हैं क्‍योंकि वे लोगों को शांत रखने का काम करती हैं। अमिताभ बच्‍चन एक अच्छे अभिनेता होने के आलावा और क्या हैं? क्‍या देश की व्‍यापक समस्‍याओं को सुलझाने के लिए उनके पास कोई वैज्ञानिक आइडिया है? नहीं है। वक्‍त-बेवक्‍त वह किसी चैनल पर आते हैं और उपदेश और प्रवचन देते हैं। कई बार उन्‍हें बढ़‍िया काम करते हुए दिखाया जाता है लेकिन अपार संपत्ति हो तो ऐसा कौन नहीं कर सकता?’

Amitabh Bachchan is a man with nothing in his head, & since mediapersons praise him I doubt there is anything in their heads too— Markandey Katju (@mkatju) September 17, 2016
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