फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार से मुंह मोड़कर बंगाल क्यों चले गए अमित शाह, जवाब में दिया सेहत का हवाला

Thu, 05 Nov 2020 05:49 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके लिए भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह ने अभी से कमर कस ली है। यही वजह कि शाह इन दिनों पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। राज्य में चुनाव प्रचार अभियान का जायजा लेने पहुंचे शाह ने गुरुवार को एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में ममता सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता सरकार का अंत करीब आ गया है। शाह ने कहा कि भाजपा को एक मौका बंगाल में दीजिए, हम बंगाल को शोनार बांग्ला बनाएंगे।

विज्ञापन


वहीं, उन्होंने पश्चिम बंगाल में अगले साल बहुमत से सरकार बनाने का दावा भी किया। शाह ने कहा कि मैं निश्चित रूप से देख रहा हूं कि ममता सरकार का मृत्युघंटा बज चुका है। आने वाले दिनों में यहां भाजपा की दो-तिहाई बहुमत की सरकार बनने जा रही है। इससे पहले कोलकाता पहुंचने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व मिदनापुर के पटासपुर के बीजेपी बूथ उपाध्यक्ष मदन घोराई के परिजनों से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने दलित परिवार के घर भोजन भी किया। 


अमित शाह के बंगाल दौरे को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिहार में दो चरण का मतदान हो चुका है, लेकिन शाह वहां एक बार भी नहीं गए। लोगों का कहना है कि शाह ने बिहार दौरा नहीं करने के पीछे सेहत का हवाला दिया है, तो क्या बंगाल के लिए सेहत ठीक है। बता दें कि देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से अब तक शायद ही कोई चुनाव ऐसा हुआ हो, जिसमें अमित शाह का चुनावी भाषण नहीं हुआ हो। मगर बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक भी चुनावी रैली नहीं की। राजनीति के जानकार इसे संकेत की तरह भी देख रहे हैं, हालांकि कुछ तो है जो मन में खटक रहा है। 
विज्ञापन


बहरहाल, शाह ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि चिकित्सकों की सलाह और अपने स्वास्थ्य के चलते पांच तारीख से प्रचार के लिए निकल सकता था, इसलिए पश्चिम बंगाल आया हूं। हालांकि शाह बिहार भी जा सकते थे, परंतु नहीं गए, यही लोगों के सवाल की वजह है।

हालांकि, उन्होंने बिहार में जारी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दी। अमित शाह ने कहा कि बिहार में हम बहुमत से सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार का बजट पता होता तो 10 लाख नौकरी का वादा नहीं करते। जनता राजद के 15 साल के शासन काल को नहीं भूली है। इसके अलावा उन्होंने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के मुद्दे पर बात की।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें