राजस्थान चुनाव पर अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेन्स
- फोटो : ANI
पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा पर रोक संबंधी राज्य सरकार के फैसले से भड़के भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करने और कोलकाता में कार्यकर्ता सम्मेलन करने की घोषणा की है। शाह ने कहा कि रथ यात्रा खत्म नहीं बल्कि स्थगित हुई है। पार्टी हर हाल में रथ यात्रा करने के लिए अदालती लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने राज्य की ममता सरकार पर नौकरशाही के माध्यम से लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य की सीएम भाजपा के उभार के कारण सत्ता छिन जाने के भय में जी रही हैं।
शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस काफ्रेंस में शाह ने कहा कि राज्य सरकार की तुष्टिकरण की नीतियों, सत्ता-नौकरशाही की मिलीभगत के कारण राज्य न सिर्फ विकास के मापदंडों पर बुरी तरह पिछड़ गया है। बल्कि राजनीतिक हत्या, हिंसा, कानून व्यवस्था, मानव तस्करी, आतंकवाद जैसे अहम मानकों पर हाशिये पर चला गया है। उन्होंने कहा कि ममता भाजपा को रोकने की लाख कोशिशें कर लें, मगर लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबसे अधिक सीट मिलना और विधानसभा चुनाव में उनकी सरकार की विदाई की पटकथा लिखी जा चुकी है।
ममता को बिन मांगे सलाह
mamta banerjee
शाह ने कहा कि शनिवार से अलग-अलग तारीखों को रवाना होने वाली पार्टी की तीन रैलियों की इजाजत के लिए राज्य इकाई ने गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिख कर इजाजत मांगी। पत्र का जवाब न मिलने पर तीन बार रिमांइडर केजरिए याद दिलाई। इसके बावजूद इजाजत नहीं दी गई। शाह ने रथ यात्राओं के कारण हिंसा की संभावना संबंधी राज्य सरकार के तर्क को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह खुद 17 बार और पीएम कई बार राज्य में कार्यक्रम कर चुकेहैं। इस दौरान कोई हिंसा नहीं हुई। वहां साप्रदायिक हिंसा टीएमसी कार्यकर्ता और प्रशासन की मिलीभगत के कारण होती है।
शाह ने कहा कि वह ममता को बिना मांगी सलाह दे रहे हैं। वह भाजपा को रोकने के लिए जितना अलोकतांत्रिक रवैया अपनाएंगे, भाजपा उतना ही मतबूत होगी। शाह ने कहा कि राज्य सरकार भाजपा को रोक सके तो रोक लगे। यह तय है कि लोकसभा में पार्टी सर्वाधिक सीट जीतेगी और विधानसभा चुनाव में टीएमसी का सफाया होगा।
मैं नहीं संबित देंगे राहुल का जवाब
संबित पात्रा
- फोटो : Twitter
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जब शाह से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पीएम की साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक भी प्रेस कांफ्रेंस न होने के आरोपों पर जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा कि इसके लिए सांबित पात्रा (प्रवक्ता) अधिकृत हैं। इस दौरान उन्होंने राहुल से जुड़े किसी भी सवाल जवाब नहीं दिया।
11 दिसंबर को मिल जाएगा जवाब
इस दौरान कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के ईवीएम पर सवाल उठाने पर भी शाह तंज करने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि सभी दलों को 11 दिसंबर को मतगणना के दिन जवाब मिल जाएगा।