राष्ट्रीय एकता दिवस व सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर आज मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस दौड़ को हरी झंड़ी दिखाई। इस मौके पर उन्होंने बिना नाम लिए देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में सरदार वल्लभभाई पटेल के महान योगदान को मिटाने और कमजोर करने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, उन्हें लंबे समय तक भारत रत्न से वंचित रखा गया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे) ने केवड़िया में पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की और उन्हें उचित सम्मान दिया।
उन्होंने, सरदार पटेल की जयंती से पहले ‘रन फॉर यूनिटी’ दौड़ को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि यह आयोजन आमतौर पर पटेल की जयंती यानी 31 अक्तूबर को किया जाता है, लेकिन इस साल उस दिन दिवाली होने की वजह से इसे दो दिन पहले आयोजित किया गया। आज धनतेरस है और हम इस शुभ अवसर पर दौड़ का आयोजन कर रहे हैं। गृह मंत्री ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि सरकार देश में उनके महान योगदान का सम्मान करने के लिए 2024 से 2026 तक दो साल के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के साथ सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाएगी।
पटेल की दूरदर्शिता और सूझबूझ से 550 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय हुआ
शाह ने कहा, यह देश के प्रथम गृह मंत्री की दूरदर्शिता तथा सूझबूझ के कारण ही संभव हो सका कि 550 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय हुआ और देश एकीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के प्रयासों से ही लक्षद्वीप, जूनागढ़, हैदराबाद और अन्य सभी रियासतों का भारत में विलय हुआ। सरदार पटेल को 1950 में उनके निधन के 41 वर्ष बाद 1991 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान- भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
देशवासी अब 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एकजुट
शाह ने कहा कि देश के लोग अब एकजुट हैं और उन्होंने 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए खुद को समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा, वर्ष 2047 तक भारत सभी मापदंडों पर दुनिया का अग्रणी देश होगा। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने हर क्षेत्र में सरदार साहब के दृष्टिकोण, विचार व संदेश को मूर्त रूप देने का काम किया।
गौरतलब है कि केंद्र की मोदी सरकार 2014 से हर साल 31 अक्तूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मना रही है। सरदार पटेल का जन्म 31 अक्तूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाद में हुआ था।