नए कृषि कानूनों को लेकर देश भर के किसान दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर गुरुवार को बार फिर फिर सक्रिय हुए। गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने किसान आंदोलन को लेकर भाजपा मुख्यालय में पार्टी महासचिवों के साथ बैठक की।
गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हुई बैठक में किसान आंदोलन को लेकर मंथन किया गया। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि, दुष्यंत गौतम, अरुण सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। इस बैठक में किसान आंदोलन को लेकर लंबी चर्चा हुई। बैठक खत्म होने के कुछ देर बाद ही कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के नाम एक चिट्ठी लिखी।इसमें उन्होंने किसानों की चिंताएं दूर करने के साथ ही विपक्ष का मोहरा न बनने की सलाह भी दी।
यह बैठक ऐसे दिन हुई है, जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय से किसानों के आंदोलन की वजह से आवागमन में हो रही दिक्कतों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसानों को अहिंसक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है।
तोमर ने इस पत्र में कहा है कि किसान भाइयों को इस कानून को लेकर भ्रम है, जिसे दूर करना मेरा कर्तव्य है। तोमर ने कहा कि किसान भाइयों को गुमराह करने, उनमें भ्रम पैदा करने का काम किया जा रहा है। हमारे किसाना भइयों और बहनों में कृषि कानून को लेकर जो भ्रम हैं, उन्हें दूर करना हमारा कर्तव्य है। आगे लिखा है कि जिन लोगों ने 1962 के युद्ध में देश की विचारधारा का विरोध किया था। वही लोग किसानों को पर्दे के पीछे से गुमराह कर रहे हैं, आज वे फिर से 1962 की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग किसानों के बीच लगातार झूठ फैला रहे हैं। किसानों को उनकी बातों में नहीं फंसना चाहिए। पत्र में कृषि कानूनों को लेकर फैलाए गए झूठ पर सफाई भी दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 दिसंबर को मध्य प्रदेश में होने वाले किसान सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करेंगे। मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री मोदी दोपहर दो बजे राज्य के किसानों को संबोधित करेंगे।