उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस अब असमी पहचान बहाल करने की बात कर रही है, उसने एक सींग वाले गेंडों को बचाने के लिए कुछ नहीं किया जो असम की पहचान से जुड़े हैं। शाह ने कहा कि मोदी असम को बार-बार की बाढ़ से मुक्ति दिलाना चाहते हैं जिससे हर साल बड़े पैमाने पर नुकसान और विस्थापन होता है।
उन्होंने कहा कि उपग्रह से ली गईं तस्वीरों की मदद से पानी का रुख मोड़कर तालाब बनाने के लिए स्थानों की पहचान की जाएगी। मैं असम के लोगों से अपील करता हूं कि असम में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनाएं और मैं आपको आश्वासन देता हूं कि अगले पांच साल में हम राज्य को वार्षिक बाढ़ की समस्या से मुक्त कर देंगे।
गृह मंत्री ने श्रीमंत शंकरदेव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने 500 साल से अधिक समय पहले असम को शेष देश से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जिसकी वजह से महात्मा गांधी ने टिप्पणी की थी कि वही वह व्यक्ति थे जिन्होंने राज्य में ‘राम राज्य’ की शुरुआत की। उनकी यह प्रेरक भावना पुनर्जिवित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने देश के अन्य हिस्सों तथा विश्व में संत के संदेश को पहुंचाने के लिए कुछ नहीं किया।
नगांव की प्रसिद्ध हस्तियों के योगदान को याद करते हुए शाह ने कहा कि यह असम के प्रथम मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई की धरती है जिन्होंने राज्य को देश का हिस्सा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिमा दास तथा लोकप्रिय गायक पापोन तथा कई स्वतंत्रता सेनानियों की धरती है।
शाह ने लोगों से कहा कि यह भाजपा की सरकार है जिसने असम के गायक एवं कवि भूपेन हजारिका को भारत रत्न और कांग्रेस से जुड़े मुख्यमंत्री दिवंगत तरुण गोगोई को पद्म भूषण से सम्मानित किया। गृह मंत्री ने शंकरदेव से जुड़े वैष्ण्व मठ बताद्रवा थान का भी दौरा किया जहां उन्होंने सरकार की सौंदर्यीकरण पहल की औपचारिक रूप से शुरुआत की।
आठ हजार वैष्ण्व प्रार्थना हॉल 'नामघरों' को ढाई-ढाई लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल तथा वित्त मंत्री हिमंत बिस्व सरमा की सराहना करते हुए शाह ने सुझाव दिया कि उन्हें मौजूदा कार्यकाल के शेष दिनों में इस लाभ को इस तरह के 17,000 और प्रतिष्ठानों तक विस्तारित करना चाहिए।
शाह ने पिछले साल 26 दिसंबर को अपने गुवाहाटी दौरे के दौरान बोरदुवा में बताद्रवा थान के सौंदर्यीकरण की रिमोट के माध्यम से आधारशिला रखी थी। थान का विकास कला, संस्कृति, अनुसंधान एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में किया जा रहा है।