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NCEL: अमित शाह ने सहकारी संस्थानों की प्रगति का किया मूल्यांकन, कहा- दो लाख करोड़ रुपये निर्यात लक्ष्य किया तय

Sun, 04 May 2025 01:34 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) को 2 लाख करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी निर्यात लक्ष्य की दिशा में काम करने को कहा है। साथ ही उन्होंने भारत से अभी निर्यात नहीं हो रहे तीन विशिष्ट उत्पादों की पहचान करने को कहा है। समीक्षा बैठक में शाह ने एनसीईएल को सहकारी मिलों से चीनी, त्रिपुरा से सुगंधित चावल, जैविक कपास और मोटे अनाज के लिए नए निर्यात अवसरों की खोज करने को भी कहा है।
 
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गृह मंत्री अमित शाह। - फोटो : यूट्यूब वीडियो ग्रैब- Amit Shah
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विस्तार
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केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 2023 में बनाए गए तीन राष्ट्रीय सहकारी संस्थानों की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी से सहकारिता मंत्रालय की ओर से इन तीनों राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं को बनाया गया था। इनका उद्देश्य सहकारी निर्यात, जैविक उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण बीजों के प्रचार के लिए छत्र संगठन के रूप में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि इनका संचालन संबंधित मंत्रालयों/विभागों/एजेंसियों के सहयोग से ‘संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनसीईएल को सहकारी चीनी मिलों से चीनी, त्रिपुरा के सुगंधित चावल, जैविक कपास और मोटे अनाज के निर्यात के नए अवसर तलाश करे। उन्होंने खाड़ी देशों में ताजी सब्जियों के निर्यात और विशेष आलू किस्मों के लिए बड़ी कंपनियों के साथ भागीदारी की संभावनाओं का भी सुझाव दिया।

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निर्यात के लिए तीन विशिष्ट उत्पादों की पहचान की जाए
शाह ने एनसीईएल को 2 लाख करोड़ रुपये के निर्यात के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में काम करने को भी कहा। साथ ही कहा कि ऐसे तीन विशिष्ट उत्पादों की पहचान की जाए जिन्हें भारत से वर्तमान में निर्यात नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सभी सहकारी संस्थाओं के निर्यात को एनसीईएल के जरिये से करने का निर्देश दिया ताकि करीब 20,000-30,000 करोड़ का कारोबार और करों व संचालन लागत के बाद शुद्ध लाभ वापस सहकारी समितियों को मिल सके।

 अफ्रीका और म्यांमार में एनसीईएन के कार्यालय स्थापित करने को कहा
शाह ने दलहन आयात के लिए अफ्रीका और म्यांमार में एनसीईएल के कार्यालय स्थापित करने और एक समर्पित वेबसाइट विकसित करने का भी निर्देश दिया ताकि सहकारी सदस्य वैश्विक मांग को समझ सकें और अपनी आपूर्ति क्षमता साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि एनसीईएल को बहुराज्यीय सहकारी सोसायटी कानून के तहत स्थापित किया गया था। अपने पहले वर्ष में ही इसने उल्लेखनी प्रगति की है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसने 10,000 से अधिक सहकारी संस्थाओं को सदस्यता दी और 4,283 करोड़ का कारोबार किया, जिसमें 122 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ।
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28 देशों में निर्यात
एनसीईएल ने 28 देशों में अपने निर्यात को बढ़ाया है। इनमें मुख्य उत्पाद बासमती और गैर-बासमती चावल, समुद्री उत्पाद (विशेषकर झींगा), मोटे अनाज, गेहूं, फल-सब्जियां, पशु उत्पाद, मसाले और बागान उत्पाद हैं। इसने सेनेगल, इंडोनेशिया तथा नेपाल के 61 आयातकों के साथ रणनीतिक समझौते भी किए हैं।
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एनसीओएल के उत्पाद रिलायंस स्टोर में भी मिलेंगे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनसीओएल की ओर से प्राप्त जैविक उत्पाद अमूल, बिगबॉस्केट जैसे बड़े ब्रांडों को भी आपूर्ति किए जा रहे हैं। इससे भारत ऑर्गेनिक्स ब्रांड के लिए अधिक मात्रा और लागत लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसके उत्पाद रिलायंस स्टोरों में पूरे भारत में उपलब्ध होंगे। भारत ऑर्गेनिक्स ब्रांड के तहत 22 उत्पाद वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में उपलब्ध हैं और इसे प्रमुख महानगरों में लॉन्च करने की योजना है। उत्पादों में अनाज, दालें, मसाले और मिठास उत्पाद शामिल हैं। शाह ने एनसीओएल के प्रयासों की सराहना करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 300 करोड़ से अधिक के कारोबार का लक्ष्य रखा। उन्होंने राज्य स्तर पर प्रमाणित जैविक किसानों के समूह बनाने और उन्हें उच्च स्तर पर एकीकृत करने का भी निर्देश दिया है।
 
एनसीओएल ने 7000 से अधिक सहकारी संस्थाओं को दी सदस्यता
शाह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाणिज्यिक संचालन के शून्य वर्ष में ही एनसीओएल ने विभिन्न वर्गों में 7000 से अधिक सहकारी संस्थाओं को सदस्यता दी और 1200 मीट्रिक टन से अधिक की मात्रा का लेनदेन किया, जो 2000 से अधिक किसानों से प्राप्त किया गया। इसका कारोबार अब तक 10.26 करोड़ रहा है। ब्रांड की विशिष्टता इसकी प्रामाणिकता और वहनीयता के दृष्टिकोण के मद्देनजर हर उत्पाद बैच का कीटनाशक अवशेषों की जांच ‘जैविक भारत’ मानकों के अनुसार की जा रही है और उसकी रिपोर्ट उपभोक्ताओं के साथ क्यूआर कोड के रूप में साझा किया जा रहा है और यह ग्राहक उन्मुख पहल इस उद्योग में पहली बार लागू किया गया है ।

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बीज पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने बीबीएसएसएल की अहम भूमिका
शाह ने कहा कि भारत के बीज पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में बीबीएसएसएल की महत्वपूर्ण भूमिका है। कहा कि केला उत्पादक शीर्ष 10 राज्यों के लिए उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टिशू कल्चर सुविधा की स्थापना करना अति-आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कलोल में हाल ही में स्थापित किया गया अत्याधुनिक बीज अनुसंधान केंद्र अरहर, उड़द, मक्का जैसी फसलों की उच्च उपज, कम परिपक्वता और कम जल आवश्यकता वाली किस्मों के विकास हेतु कार्य करेगा। उन्होंने उच्च चीनी मात्रा और कम जल आवश्यकता वाली गन्ना किस्म पर भी कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।
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लचका चारा फसल के बीच तैयार करें
शाह ने बीबीएसएसएल को एनडीडीबी और अमूल के नेटवर्क के जरिये बिक्री हेतु लचका चारा फसल के बीच विकसित करने का आग्रह किया है। उन्होंने प्रोसेसिंग किस्मों के लिए बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष रूप से फ्रेंच फ्राइज के लिए आलू जैसी प्रोसेसिंग किस्मों हेतु बीज उत्पादन को प्रोत्साहन दिये जाने पर भी बल दिया। शाह ने ब्रीडर सीड्स की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहकारिता मंत्रालय को कृषि मंत्रालय से समन्वय कर आवश्यक ब्रीडर बीजों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बीबीएसएसएल के प्रयासों की सराहना की और सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया कि वह नवाचार, गुणवत्ता इनपुट्स और संस्थागत समर्थन के माध्यम से कृषि सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाएगी।

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