भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मिशन 2019 के लिए 350+ लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। पार्टी का जोर विशेषतौर पर उन 120 सीटों पर रहेगा जहां अब तक उसकी कभी जीत नहीं हुई है।
अपने रणनीति को जमीन पर उतारने के लिए शाह ने गुरूवार को पार्टी मुख्यालय पर अपनी टीम के प्रमुख नेताओं और सरकार के करीब पौना दर्जन मंत्रियों को बुलाकर अहम बैठक की।
खास बात यह रही कि इस महत्वपूर्ण बैठक में यूपी और असम सरकार के मंत्री भी शामिल थे। यूपी से महेंद्र सिंह और स्वतंत्रदेव सिंह ने बैठक में शिरकत की। तो असम से हेमंत विश्वशर्मा बैठक में शामिल रहे।
सूत्र बताते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत के प्रति आश्वस्त शाह ने बैठक में पार्टी नेताओं से लोकसभा की 350 से ज्यादा सीटें जीतने की रणनीति पर अमल करने को कहा है।
जीत न मिलने वाली 120 सीटों पर रहेगी विशेष नजर
पत्थर पर घास उगाने के बाजीगर बन चूके अमित शाह ने मिशन 2019 के लिए 350+ सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए लोकसभा की उन 120 सीटों पर विशेष ध्यान केंद्रीत करने का रणनीति बनाई है।
जहां भाजपा की उपस्थिति अब तक नहीं रही है। ये सीटें अधिकांशत: उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत की हैं।
इन 120 सीटों पर अभी से हर सीट का एक प्रभारी बनाया जाएगा। जो कि उस सीट से बाहर का नेता होगा। इसके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों को इन सीटों का पालक अधिकारी बनाया जा रहा है।
एक नेता के जिम्मे करीब आधा दर्जन सीटें रहेंगी। इन नेताओं के काम की निगरानी का जिम्मा महामंत्री और संगठन मंत्रियों को दिया जा रहा है।
दरअसल भाजपा रणनीतिकारों को भी इस बात का अहसास है कि लोकसभा चुनाव 2014 में जिन इलाकों में जीत दर्ज कर पार्टी 282 सीटों तक पहुंची है। उन इलाकों में भाजपा का प्रदर्शन चरम पर रहा है। इनमें थोडा बहुत नुकसान ही होने की संभावना है बढ़त की नहीं।
ऐसे में शाह ने उन सीटों पर खास ध्यान केंद्रीत करने की रणनीति बनाई है। जहां पार्टी का प्रदर्शन पिछले चुनाव में दूसरे, तीसरे स्थान पर था।
इसमें ऐसी भी सीटे हैं जहां भाजपा अब तक अपना खाता नहीं खोल पाई है। ऐसी सीटों की संख्या बढ़कर 150 के करीब पहुंचती हैं। लेकिन इनमें सबसे खराब स्थिति 120 सीटों पर हैं जहां पार्टी अब तक जीत दर्ज नहीं कर पाई है।
यूपी,उत्तराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, गुजरात, हरियाणा और असम ऐसे राज्य हैं जहां भाजपा चरम पर है।