केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी केंद्रीय एजेंसियों को अपराध और आपराधिक निगरानी नेटवर्क एवं प्रणाली (सीसीटीएनएस) में शामिल होने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से ई-गवर्नेंस के जरिये प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए समग्र और एकीकृत प्रणाली तैयार होगी। वह राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 37वें स्थापना दिवस पर बोल रहे थे।
गृहमंत्री ने कहा कि सीबीआई, एनआईए और एनसीबी को अपनी एफआईआर की जानकारी का लिंक सीसीटीएनएस पोर्टल पर डालना चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद गृहसचिव अजय कुमार भल्ला से उन्होंने कहा कि वह इस संदर्भ में सभी केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक करें और यह सुनिश्चित करें कि ये एजेंसियां अपनी एफआईआर का लिंक सीसीटीएनएस पर डालें। एनसीआरबी के डाटा को दिमाग और प्रदेश पुलिस संगठनों को हाथ और पैर करार देते हुए उन्होंने एनसीआरबी के प्रमुख विवेक गोगिया को एनसीआरबी के डाटा के इस्तेमाल और इसके बेहतर ढंग से उपयोग पर फोकस करने को कहा।
शाह ने कहा कि एनसीआरबी ने डाटा जुटाने का बेहतरीन काम किया है। अब, इस डाटा का इस्तेमाल अपराध को खत्म करने का समय है। एनसीआरबी डाटा तभी उपयोगी होंगे जब राज्य इनका बेहतर ढंग से इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने एनसीआरबी निदेशक को एनसीआरबी के डाटा के बेहतर इस्तेमाल को लेकर प्रदेशों के डीजीपी से बात करने को कहा। उन्होंने आपराधिक न्याय प्रणाली पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि इसे देश में बेहतर कानून व्यवस्था की स्थिति से ही हासिल किया जा सकता है।