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Amit Shah: 'अपराध की अब सीमा नहीं रही, इससे फोरेंसिक विज्ञान की जरूरत कई गुना बढ़ी', गृह मंत्री शाह का बयान

Mon, 14 Apr 2025 03:41 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऑल इंडिया फोरेंसिक साइंस समिट के आयोजन की तारीफ करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इससे सभी विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे, जो नीतियों पर चर्चा करेंगे और भविष्य की रणनीतियों को आकार देंगे। उन्होंने कहा कि 'आज अगर हम समय पर पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहते हैं तो यह बिना फोरेंसिक साइंस के संभव नहीं है।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि अपराध अब सीमाओं के पार चला गया है, अब अपराधी राज्य और देश की सीमाओं का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे में फोरेंसिक विज्ञान की जरूरत कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार में फोरेंसिक विज्ञान को अपराध न्याय व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है। सरकार की कोशिश है कि लोगों को समय पर न्याय मिले। अमित शाह ने 'ऑल इंडिया फोरेंसिक साइंस समिट 2025' में ये बात कही। 
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'फोरेंसिक साइंस को अपराध न्याय व्यवस्था का हिस्सा बनाया'
सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 'पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार अपराध न्याय व्यवस्था में लोगों और विज्ञान को केंद्र में रखने की कोशिश की गई है। सरकार इस दिशा में काम कर रही है कि ये सुनिश्चित हो सके कि लोगों को समय से न्याय मिले और वे इससे संतुष्ट हों।' शाह ने कहा कि देश की अपराध न्याय व्यवस्था को मजबूत करने में फोरेंसिक साइंस की काफी अहमियत है। उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी के विजन से देश की अपराध न्याय व्यवस्था में बदलाव हुआ है। हमने फोरेंसिक विज्ञान को इसका हिस्सा बनाया है। इससे न सिर्फ अपराधियों को सजा होती है बल्कि इससे ये भी सुनिश्चित होता है कि किसी बेगुनाह को सजा न हो।'

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ऑल इंडिया फोरेंसिक साइंस समिट के आयोजन की तारीफ करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इससे सभी विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे, जो नीतियों पर चर्चा करेंगे और भविष्य की रणनीतियों को आकार देंगे। उन्होंने कहा कि 'आज अगर हम समय पर पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहते हैं तो यह बिना फोरेंसिक साइंस के संभव नहीं है। एक समय था जब अपराध जिले, राज्य और देश की सीमाओं तक सीमित था, लेकिन आज यह सीमाओं के पार चला गया है। ऐसी स्थिति में फोरेंसिक साइंस की अहमियत कई गुना बढ़ गई है।'
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अगले छह महीने में नौ नए कैंपस खोले जाएंगे
अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में साल 2009 में गुजरात में और 2020 में केंद्रीय स्तर पर फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शुरुआत की गई। इससे देश को फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर्मी और विशेषज्ञ मिले। अब नए अपराध कानून के तहत अपराध मामलों में फोरेंसिक टीम अनिवार्य कर दी गई है। नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के तहत देश में सात नए कैंपस खोले गए हैं और अगले छह महीने में नौ नए कैंपस और खोले जाएंगे। 

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