बिहार में इस साल के अंत तक विधानसबा के चुनाव होने है। इसके लिए राजनातिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में प्रदेश के नेताओं को बेवजह की बयानबाजी से बचने और विपक्षी महागठबंधन के मुद्दों के खिलाफ जमीनी स्तर पर सक्रिय अभियान चलाने की नसीहत दी है। कोरग्रुप की बैठक में शाह ने साफ कर दिया है कि इस बार उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं को पहली प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने राज्य इकाई को जल्द से जल्द चुनाव अभियान समिति गठित करने सभी विधानसभा सीटों पर सक्रियता बढ़ाने का भी निर्देश दिया है।
चार घंटे तक चली बैठक
बुधवार को करीब चार घंटे बैठक में विपक्षी महागठबंधन की ओर से एसआईआर के खिलाफ जारी अभियान की काट पर बैठक हुई। इस दौरान प्रदेश के नेताओं को जीएसटी दर में परिवर्तन के कारण नवरात्र से गरीबों और मध्य वर्ग को मिलने वाली राहत का जोरशोर से प्रचार करने का निर्देश दिया गया।
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सूत्रों ने बताया कि शाह ने उम्मीदवारों के चयन के लिए विधानसभा स्तर पर प्रदेश नेतृत्व के साथ मिल कर कार्यकर्ताओं की भावनाओंं के अनुरूप सूची तैयार करने का निर्देश भी दिया। बैठक में तय किया गया कि 25 सितंबर तक हर विधानसभा सीट पर कार्यकर्ता स्तर के सम्मेलन का काम हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए।
कैसी रहेगी तैयारी?
दूसरे राज्यों के चुनाव की तरह ही बिहार में भी पार्टी हर छह विधानसभा के लिए एक प्रभारी नियुक्त करेगी। शाह चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले कोरग्रुप की छह और बैठकों का आयोजन करेंगे। बैठक में कोरग्रुप के सभी 13 सदस्य उपस्थित थे। बता दें कि बैठक में चुनावी रणनीति और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। विधानसभा वार कार्यकर्ता सम्मेलन की रूपरेखा खींची गई। सीट बंटवारे को लेकर बातचीत नहीं हुई। कुछ और बैठकें जल्द प्रस्तावित हैं।
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