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PM Modi: 'संसद में कांग्रेस का काला इतिहास उजागर, इसलिए नाटकबाजी में जुटे', अमित शाह को मिला पीएम मोदी का साथ

Wed, 18 Dec 2024 01:11 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, 'संसद में गृह मंत्री ने डॉ. आंबेडकर का अपमान करने और एससी-एसटी समुदायों की अनदेखी करने के कांग्रेस के काले इतिहास को उजागर किया। कांग्रेस इससे स्पष्ट रूप से आहत और स्तब्ध हैं। यही कारण है कि वे अब नाटकबाजी कर रहे हैं। दुख की बात है। लोग सच्चाई जानते हैं।'
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PM Modi - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर विपक्ष के हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलटवार किया है। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमले करते हुए कहा कि कांग्रेस आंबेडकर का अपमान छिपा नहीं सकती। बाबासाहेब के लिए हमारा सम्मान सर्वोपरि है।

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उन्होंने 'एक्स' एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा, 'अगर कांग्रेस और उसका बेकार हो चुका तंत्र यह सोचता है कि उनके दुर्भावनापूर्ण झूठ उनके कई सालों के कुकर्मों खासकर डॉ. आंबेडकर के प्रति उनके अपमान को छिपा सकते हैं, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। भारत के लोगों ने बार-बार देखा है कि कैसे एक वंश के नेतृत्व वाली एक पार्टी ने डॉ. आंबेडकर की विरासत को मिटाने और एससी-एसटी समुदायों को अपमानित करने के लिए हर संभव गंदी चाल चली है।'

पीएम मोदी ने कांग्रेस के पापों की सूची गिनाई
पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'डॉ. आंबेडकर के प्रति कांग्रेस के पापों की सूची में शामिल हैं- उन्हें एक बार नहीं, बल्कि दो बार चुनावों में हराना। पंडित नेहरू ने उनके खिलाफ प्रचार किया और उनकी हार को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाया। उन्हें भारत रत्न देने से इनकार करना। संसद के सेंट्रल हॉल में उनकी तस्वीर को गौरवपूर्ण स्थान न देना।'
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'एससी और एसटी के लिए कांग्रेस ने कुछ नहीं किया'
उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे जितनी कोशिश कर ले, वे इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि एससी-एसटी समुदायों के खिलाफ सबसे भयानक नरसंहार उनके शासन में ही हुए हैं। वे सालों तक सत्ता में रहे, लेकिन एससी और एसटी समुदायों को सशक्त बनाने के लिए कुछ भी ठोस नहीं किया।

नाटकबाजी का आरोप लगाया
पीएम मोदी ने लिखा, 'संसद में गृह मंत्री ने डॉ. आंबेडकर का अपमान करने और एससी-एसटी समुदायों की अनदेखी करने के कांग्रेस के काले इतिहास को उजागर किया। कांग्रेस इससे स्पष्ट रूप से आहत और स्तब्ध हैं। यही कारण है कि वे अब नाटकबाजी कर रहे हैं। दुख की बात है। लोग सच्चाई जानते हैं।'



सरकार के काम गिनाए
उन्होंने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की वजह से ही हम आज जो हैं, वह हैं। हमारी सरकार ने पिछले एक दशक में बाबासाहेब के सपने को पूरा करने के लिए अथक प्रयास किया है। कोई भी क्षेत्र लें- चाहे वह 25 करोड़ लोगों को गरीबी से निकालना हो, एससी-एसटी अधिनियम को मजबूत करना हो, हमारी सरकार के प्रमुख कार्यक्रम जैसे स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना और बहुत कुछ... इनमें से प्रत्येक ने गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों के जीवन को छुआ है। हमारी सरकार ने डॉ. आंबेडकर से जुड़े पांच प्रतिष्ठित स्थानों पंचतीर्थ को विकसित करने के लिए काम किया है। दशकों से चैत्य भूमि के लिए भूमि का मुद्दा लंबित था। हमारी सरकार ने न केवल इस मुद्दे को सुलझाया, बल्कि मैं वहां प्रार्थना करने भी गया।

'जब डॉ. अंबेडकर की बात आती है, तो हमारा सम्मान और श्रद्धा सर्वोपरि'
पीएम मोदी ने कहा, 'हमने दिल्ली में 26, अलीपुर रोड को भी विकसित किया है, जहां डॉ. आंबेडकर ने अपने अंतिम वर्ष बिताए थे। लंदन में जिस घर में वे रहते थे, उसे भी सरकार ने अधिग्रहित कर लिया है। जब डॉ. अंबेडकर की बात आती है, तो हमारा सम्मान और श्रद्धा सर्वोपरि है।'

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अमित शाह के बयान के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन - फोटो : पीटीआई
कांग्रेस ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा
इससे पहले कांग्रेस ने बुधवार को अमित शाह पर संविधान निर्माता बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए तथा देश से माफी मांगनी चाहिए। मुख्य विपक्षी दल और उसके सहयोगी दलों के सदस्यों ने इस विषय को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया और संसद परिसर में भी विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा भी किया कि शाह की टिप्पणी का यह मतलब था कि बाबासाहेब का नाम लेना भी गुनाह है। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने कल राज्यसभा में जब बाबासाहेब आंबेडकर का नाम लेकर बयान दिया, तब मैंने हाथ उठाकर बोलने की इजाजत मांगी थी। लेकिन मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया। उस समय हम सब सहयोग की भावना से चुपचाप बैठे रहे, क्योंकि हम संविधान पर चर्चा कर रहे थे।
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