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अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति: विद्यार्थियों से मिले अमित शाह, कहा- महान भारत की रख रहे नींव, बुलंद इमारत बनाएंगे

Tue, 31 Jan 2023 06:19 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

गृह मंत्री शाह ने कहा कि 75 साल में सभी सरकारों ने देश को आगे बढ़ाया, लेकिन 2014 के बाद न सिर्फ  विकास की गति तेज हुई है, बल्कि लोगों के आत्मविश्वास को बढ़ाने की बात हुई। जब भारत आजादी की शताब्दी मना रहा होगा, तब विश्व में हर क्षेत्र में सबसे आगे होगा।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अतुल माहेश्वरी छात्रवृति के लिए चयनित विद्यार्थियों से मुलाकात की और उनके सवालों के जवाब दिए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार महान भारत के निर्माण की नींव डालने का काम कर रही है। इस नींव पर बुलंद इमारत बनाने का काम आज के बच्चे करेंगे। शाह सोमवार को सहकारिता मंत्रालय के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में अमर उजाला फाउंडेशन के तहत अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए चयनित विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।

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उन्होंने बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए। गृह मंत्री शाह ने कहा कि 75 साल में सभी सरकारों ने देश को आगे बढ़ाया, लेकिन 2014 के बाद न सिर्फ  विकास की गति तेज हुई है, बल्कि लोगों के आत्मविश्वास को बढ़ाने की बात हुई। जब भारत आजादी की शताब्दी मना रहा होगा, तब विश्व में हर क्षेत्र में सबसे आगे होगा। इसके लिए सबसे ज्यादा मेहनत युवाओं को करनी है। मोदी सरकार ने विश्व के युवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा के सारे मंच तैयार कर दिए हैं। अब खुद को तैयार करना है। पूरा विश्व आपका स्वागत करने को तैयार होगा।      
      
आने वाली पीढ़ी पर टिका देश का भविष्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य इस बात पर निर्भर नहीं है कि अभी की पीढ़ी कितनी होनहार है। यह इस बात पर निर्भर है कि उसकी आने वाली पीढ़ी कितनी होनहार है।
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कामयाबी के लिए जरूरी मजबूत निश्चय
शाह ने कहा, सफलता के लिए दृढ़निश्चयी होइए। संकल्प लीजिए कि सूर्योदय से पहले उठेंगे, रात में बेवजह नहीं जागेंगे। ये तय कर लिया, तो जीवन सरल हो जाएगा। पांच बजे उठकर छह बजे तैयार होइए। फिर छह से आठ बजे तक दो घंटे व्यक्तित्व के विकास के लिए रहेंगे। इस समय पृथ्वी की अधिकतम ऊर्जा प्राप्त होती है।

परिश्रम का विकल्प नहीं
गृह मंत्री शाह ने ‘कराग्रे वस्ते लक्ष्मी, कर मध्ये सरस्वती... सुभाषित’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कर का मतलब हाथ होता है। यह हाथ परिश्रम का प्रतीक है। सुबह परिश्रम का संकल्प करते हैं, तो लक्ष्मी प्राप्त होती है। ज्यादा परिश्रम करते हैं, तो सरस्वती भी प्राप्त होती है। इससे भी आगे ज्ञान के लिए परिश्रम करते हैं, तो गोविंद यानी ईश्वर की प्राप्ति होती है। परिश्रम ही हमारी प्रगति का मूलमंत्र है। इसका कोई विकल्प नहीं।

सीख : निरीक्षण, विश्लेषण और तर्क से करें फैसला
गृह मंत्री शाह ने कहा, परिश्रम के साथ निरीक्षण शक्ति, स्मृति में रखकर विश्लेषण, फिर तर्क से निर्णय पर पहुंचना चाहिए। यह प्रक्रिया व्यक्ति विकास में सहायक होती है।

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