भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आगामी 12 सितंबर को इंदौर संभाग में किसान सम्मेलन के जरिए मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव का मोर्चा संभालेंगे। शाह आगामी 6 अक्टूबर तक सूबे के 7 संभागों में कई रैलियों और बैठकों को संबोधित करेंगे।
इस दौरान पार्टी अध्यक्ष पार्टी विधायकों और मंत्रियों का फीडबैक भी हासिल करेंगे। इन रैलियों की जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सूबे के पूर्व अध्यक्ष प्रभात झा को दी गई है।
दरअसल लोकसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश के साथ दो अन्य राज्यों छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए खासे महत्वपूर्ण हैं। चूंकि इन चुनावों के नतीजे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में धारणा बनाने का काम करेंगे। इन तीनों ही राज्यों में पार्टी की सरकार है।
ऐसे में भाजपा इन राज्यों के चुनावों में किसी प्रकार का खतरा उठाना नहीं चाहती। गौरतलब है कि इन चुनावी राज्यों में से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सत्ता में पार्टी बीते 15 सालों से काबिज है।