अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने पाकिस्तान को 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता खत्म करने के ट्रंप प्रशासन के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इस्लामाबाद ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में संतोषजनक प्रगति नहीं की है।
ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल जोसेफ डनफोर्ड के साथ पोम्पिओ इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। पोम्पिओ की इस यात्रा से कुछ दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान की 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता यह कहते हुए खत्म कर दी थी कि वह अपनी सीमा के भीतर मौजूद आतंकवादियों के खिलाफ संतुष्टिपूर्ण कार्रवाई नहीं कर रहा।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या पाकिस्तान को मिलने वाली अमेरिकी आर्थिक मदद रुकने का असर आतंक के खिलाफ पड़ेगा?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 3368 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 67.25 फीसदी (2265 वोट) पाठकों ने माना कि पाकिस्तान को मिलने वाली अमेरिकी आर्थिक मदद रुकने का असर आतंक के खिलाफ पड़ेगा। जबकि 32.75 फीसदी (1103 वोट) पाठकों ने माना कि पाकिस्तान को मिलने वाली अमेरिकी आर्थिक मदद रुकने का असर आतंक के खिलाफ नहीं पड़ेगा।