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गोधरा ट्रेन हादसा: शाह का लालू पर गंभीर आरोप, कहा- पूर्व रेल मंत्री ने इसे साजिश की बजाए दुर्घटना साबित करने की कोशिश की

Wed, 06 Apr 2022 10:09 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गोधरा कांड को लेकर लालू प्रसाद यादव का नाम लिए बिना अमित शाह ने कहा कि उस समय के रेलमंत्री ने रेलवे अधिनियम का उपयोग करके एक नई समिति नियुक्त की। शाह ने कहा कि उस समिति ने सुझाव दिया था कि यह एक दुर्घटना थी और साजिश नहीं थी। 
 
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अमित शाह(फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को संसद में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाए। उन्होंने संसद में कहा कि लालू प्रसाद यादव ने 2002 के गोधरा ट्रेन हादसे को एक दुर्घटना बताने की कोशिश की थी। अमित शाह ने कहा कि इसकी एक साजिश के रूप में जांच के लिए एक नई समिति गठित की जाए। 

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लालू प्रसाद यादव का नाम लिए बिना अमित शाह ने कहा कि उन्होंने इस तथ्य को जानने के बावजूद कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक पूर्व न्यायाधीश द्वारा जांच चल रही थी, उस समय के रेलमंत्री ने रेलवे अधिनियम का उपयोग करके एक नई समिति नियुक्त की। शाह ने कहा कि उस समिति ने सुझाव दिया था कि यह एक दुर्घटना थी और साजिश नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। 

दरअसल, आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक पर सदन में बुधवार को बहस हुई। इस दौरान भाजपा सांसद बृजलाल ने दौरान गोधरा मुद्दे का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने इस घटना की जांच के लिए सितंबर 2004 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा यूसी बनर्जी आयोग के गठन पर सवाल उठाया। गोधरा की घटना का जिक्र करते हुए बृजलाल ने कहा कि साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे में 27 फरवरी 2002 को आग लगा दी गई थी। इस घटना में 59 लोग मारे गए थे।
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उन्होंने कहा कि राजद के तत्कालीन रेल मंत्री ने यूसी बनर्जी आयोग का गठन किया था। इस आयोग ने 17 जनवरी, 2005 को एक रिपोर्ट सौंपी थी।  इस रिपोर्ट में कहा गया था कि आग दुर्घटनावश लगी थी। आयोग ने कोच में आग लगाए जाने की घटना को साजिश होने से इनकार किया था। आयोग की रिपोर्ट में कहा गया था कि कोच में जो साधु थे वे बीड़ी पी रहे थे और उसी दौरान गलती से आग लग गई।

उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे बृजलाल ने सदन में कहा कि निचली अदालत ने मामले में 11 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी और कुछ विपक्षी दलों पर आतंकवादियों के साथ सहानुभूति रखने का आरोप लगाया था।

बाद में उच्च न्यायालय ने 11 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था जबकि 20 अन्य की पूर्व उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। उनके इस बयान के बाद सदन में हड़कंप मच गया।राजद सांसद मनोज झा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी कोई भी घटना, चाहे वह कश्मीर में हुई हो या गोधरा में या दिल्ली में हम सभी सामूहिक रूप से इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि आप इसके लिए किसी को दोष नहीं दे सकते।

इस पर सदन में मौजूद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शायद राजद सांसद मनोज झा ने भाजपा सांसद बृजलाल का भाषण नहीं सुना है, जिन्होंने कुछ भी अतार्किक नहीं कहा है। अमित शाह ने कहा कि उस समय के रेल मंत्री ने उस घटना को अलग कोण देने की कोशिश की थी, जिसमें लोगों को जिंदा जला दिया गया था।
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शाह ने की अहम बैठक
इस बीच दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने गृह मामलों की सलाहकार समिति के सदस्यों के साथ अहम बैठक की।

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