गृह मंत्री ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने, मादक पदार्थों, मानव तस्करी और अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया। इसके लिए विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय व एनसीओआरडी की नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा है। इसके अलावा बैठक में सभी यूएपीए और आतंकवाद संबंधी मामलों की एनआईए की ओर से गहन समीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तर्ज पर विशेष जांच एजेंसी (एसआईए) के गठन की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
700 करोड़ रुपये की मेगा डेयरी परियोजना का शिलान्यास
गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में अमूल की 700 करोड़ रुपये की मेगा डेयरी परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास किया। शाह ने कहा कि गुजरात का सहकार मॉडल अब बंगाल के विकास का भागीदार बनेगा। यह परियोजना केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि राज्य के लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सहकारिता उग्रवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में जन सुविधा केंद्र आंदोलन को नई गति देने का माध्यम बनेगी। हावड़ा के सांकराइल फूड पार्क में बनने वाली इस परियोजना को दुनिया की सबसे बड़ी दही उत्पादन इकाई बताया जा रहा है।
अमित शाह के बंगाल दौरे पर क्या-क्या हुआ?
- गृह मंत्री शाह ने कोलकाता में की उच्चस्तरीय बैठक, यूएपीए मामलों की अब एनआईए करेगी समीक्षा।
- बांग्लादेश, नेपाल व भूटान सीमा पर मजबूत होगा सुरक्षा कवच, अमित शाह बोले- रोकेंगे अतिक्रमण-तस्करी।
- कोलकाता में देश के पहले भाषा संग्रहालय का उद्घाटन।
ममता बनर्जी पर निशाना साधा
गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (अमूल) की इस इकाई में प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। परियोजना में करीब 700 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान शाह ने नाम लिए बिना पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस पुराने बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल को गुजरात नहीं बनने देंगे। शाह ने कहा कि आज गुजरात का सहकार मॉडल ही पश्चिम बंगाल के विकास में भागीदार बन रहा है और अमूल का निवेश इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में जन सुविधा केंद्र
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सुरक्षा के लिए महिला आउटरीच कार्यक्रम शुरू करने, अधिकारियों की ओर से ग्रामीण महिलाओं से नियमित संवाद स्थापित करने और उन्हें जागरूक बनाने पर भी बल दिया गया। इसके अलावा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित रहे क्षेत्रों के एक-तिहाई सुरक्षा शिविरों को जन सुविधा केंद्रों में बदलने, साइबर सुरक्षा क्षमता बढ़ाने और कोलकाता के लिए व्यापक बाढ़ प्रबंधन योजना तैयार करने का निर्णय लिया गया। गृह मंत्री ने सभी संबंधित एजेंसियों को तय प्राथमिकताओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बंगाल में पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती के निर्देश
शाह ने बंगाल पुलिस के आधुनिकीकरण, क्षमता वृद्धि और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र की ओर से पर्याप्त बजटीय सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने पुलिस बल के रिक्त पदों को समयबद्ध ढंग से भरने, प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने, पुलिस जिलों का तर्कसंगत पुनर्गठन व सिविक वॉलंटियर्स पर निर्भरता घटाकर नियमित कांस्टेबलों की भर्ती को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
देश के पहले भाषा संग्रहालय का उद्घाटन
इससे पहले एक अन्य कार्यक्रम में अमित शाह ने रविवार को कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय में नव-निर्मित शब्द संग्रहालय के पहले चरण का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र की संस्कृति के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के संकल्प में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित कर रहे हैं। गृह मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि किसी भी राष्ट्र या क्षेत्र की संस्कृति और उसकी अभिव्यक्ति भाषा के बिना संभव नहीं है, और भाषा स्वयं भावनाओं से जन्में शब्दों के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकती।
उन्होंने कहा कि जब तक हमारी भावी पीढ़ियां इस यात्रा को नहीं समझेंगी, तब तक देश का सांस्कृतिक पुनरुद्धार वास्तव में नहीं हो सकता। अमित शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि यह शब्द संग्रहालय सांस्कृतिक पुनरुत्थान की इस प्रक्रिया में एक मौलिक आवश्यकता को पूरा करेगा और अपने मिशन में सफल होगा। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय हमारी भाषा और संस्कृति की गहराई को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारतीय सांस्कृतिक चेतना पर क्या बोले अमित शाह?
केंद्रीय गृह मंत्री ने भारत की सांस्कृतिक चेतना के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ''बंगाल हमेशा से भारतीय चेतना का वैश्विक प्रकाश स्तंभ रहा है। एक लंबा दौर ऐसा भी आया, जब भारतीय सांस्कृतिक चेतना को बंगाल से अलग करने की कोशिश की गई। संकीर्ण और विदेशी विचारधाराओं ने बंगाल की देश और दुनिया को दिशा देने की क्षमता को कमजोर किया।'' अमित शाह ने कहा, ''अब समय आ गया है कि भारतीय चेतना का यह महान केंद्र फिर से अपनी पूरी शक्ति के साथ दुनिया की चेतना को जागृत करने वाला बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में यहां जो परिवर्तन हुआ है, उस पर मुझे पूरा विश्वास है।"
छात्रों से की क्या अपील?
केंद्रीय गृह मंत्री ने विशेष रूप से छात्रों से पुस्तकालयों के संबंध में एक अपील की। पुस्तकालयों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, "इस देश का भविष्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि उसके कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कितनी भीड़ है, बल्कि इस पर निर्भर करता है कि कितने युवा और किशोर पुस्तकालयों तक पहुंचते हैं। संस्कृति मंत्रालय की ओर से शुरू किए गए पुस्तकालय आंदोलन के बारे में जरूर जानिए और इसका उपयोग अपने व्यक्तित्व के निर्माण के लिए कीजिए।"
मातृभाषा के प्रति लगाव पर क्या बोले शाह?
भाषा के महत्व पर शाह ने कहा, "हर व्यक्ति का अपनी मातृभाषा से लगाव होना स्वाभाविक है। यहां आकर यह महसूस होता है कि यह लगाव केवल भावना तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमारे चरित्र का हिस्सा बनना चाहिए। भारतीय होने के नाते हम अपनी पारंपरिक वेशभूषा भले ही भूल गए हों, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अपनी भाषा न खो दें। जो लोग भाषा को वैज्ञानिक दृष्टि से देखते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि भाषा एक ऐसा विज्ञान है, जो आवश्यकता और स्वाभाविक विकास के आधार पर विकसित हुआ है।"
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प्रौद्योगिकी के साथ भाषा के समन्वय क्या बोले शाह?
अमित शाह ने कहा, "हमने कभी भी विचारों पर प्रतिबंध नहीं लगाया। हमने शास्त्रों के साथ संवाद किया, दार्शनिक बहसें कीं और परंपरा के साथ-साथ नवाचार को भी लगातार अपनाया। अभी मैंने पूरे संग्रहालय का भ्रमण किया है। इसमें शब्द की यात्रा को बहुत सुंदर ढंग से दिखाया गया है।" उन्होंने कहा, "मैं संस्कृति सचिव से आग्रह करता हूं कि इस यात्रा को कंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र तक भी आगे बढ़ाया जाए, ताकि हमारी भाषाओं को आधुनिक युग में पूरा स्थान मिल सके। हमने कभी नवाचार से दूरी नहीं बनाई। हमने जो भी शुभ और उपयोगी लगा, उसे अपनी परंपरा के साथ जोड़कर उसके सकारात्मक प्रभाव को कई गुना बढ़ाया।"