नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बरसते हुए शाह ने कहा, मैं सवाल पूछने आया हूं कि हम नागरिकता देना चाहते हैं और आप इसका विरोध क्यों कर रही हो। आपको घुसपैठिए ही अपने लगते हैं। मैं बताने आया हूं कि 70 साल से जो शरणार्थी यहां आए हैं हम उनको नागरिकता देकर रहेंगे।
मोदी जी नागरिकता संशोधन कानून लेकर आए। लाखों बंगालियों को इससे नागरिकता मिलती है। ममता दीदी ने इसका विरोध किया। बंगाल में दंगे कराएं, ट्रेनें जला दी गई, रेलवे स्टेशन जला दिया गया। ये यात्रा बंगाल के गरीब के शोषण के खिलाफ संघर्ष की है। ये यात्रा सिंडीकेट को समाप्त करने की यात्रा है। ये यात्रा टोलबाजी समाप्त करने की यात्रा है।
ये यात्रा घुसपैठ समाप्त करने की है। ये यात्रा करोड़ों शरणार्थियों को नागरिकता देकर सम्मान देने की है। जब हम बंगाल में चुनाव के मैदान में थे तो ममता दीदी कहती थीं जमानत बचा लेना। ममता जी ये आंकड़े देख लीजिए, अब आने वाले विधानसभा चुनाव में भी पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बंगाल में बनने वाली है।
ये जो यात्रा चली है, ये रुकने वाली नहीं है। ये यात्रा जो 18 सीटों तक पहुंची है, विधानसभा में दो तिहाई बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनाकर समाप्त होने वाली है। ये यात्रा भाजपा के विकास की नहीं है, बल्कि ये यात्रा बंगाल के विकास की यात्रा है।
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर निशाना साधने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की है। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि उपदेश देने के बजाए शाह को दिल्ली हिंसा में निर्दोष लोगों की जान नहीं बचा पाने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल कट्टरता और घृणा के बगैर बेहतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश में यह फैलाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने एक ट्वीट में कहा कि बंगाल आने और यहां उपदेश देने के बजाए अमित शाह आपको दिल्ली हिंसा में ठीक अपनी नाक के नीचे 50 से ज्यादा निर्दोष लोगों की जान जाने पर जवाब देना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आती है। अभिषेक ने अपने एक दूसरे ट्वीट में कहा कि श्रीमान शाह, बंगाल कट्टरता और नफरत के बिना ही बेहतर है जो भाजपा फैलाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस औऱ स्वयंसेवकों ने रविवार को अमित शाह की रैली में जाने वाले एक ऐसे व्यक्ति को रोक लिया जिसके पास लाइसेंसी रिवाल्वर था। दुर्गापुर के रहने वाले जदू नंदी नामक उस व्यक्ति ने खुद के भाजपा समर्थक होने का दावा किया। वह पहले केंद्रीय सुरक्षा बल में काम कर चुका है। पुलिस ने प्राथमिक पूछताछ के बाद उसे लौटा दिया।
शाह को काले झंडे दिखाए, गो बैक के नारे लगे
शाह को कांग्रेस, माकपा और दूसरे संगठनों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इन संगंठनों के कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने एयरपोर्ट के बाहर ही शाह के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी की। उन्होंने अपने हाथों में काले झंडे और काले गुब्बारे ले रखे थे। प्रदर्शकारियों ने कई जगह शाह का पुतला भी फूंका।
वाम मोर्चा विधायक दल के नेता और माकपा विधायक सुजन चक्रवर्ती के नेतृत्व में दक्षिण कोलकाता में भी सीएए के खिलाफ रैली आयोजित की गई। धर्मतल्ला इलाके में सीएए के समर्थकों और भाजपा समर्थकों में भिड़ंत भी हुई। लेकिन भारी तादाद में मौजूद पुलिस वालों ने दोनों गुटों को तितर-बितर कर दिया।
गृह मंत्री ने आतंकवाद का मुकाबला करने और देश की सुरक्षा में एनएसजी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने आतंकवादी गतिविधियों के बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए एनएसजी की तकनीक, प्रशिक्षण और रणनीति में बदलाव लाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि सरकार अन्य कल्याणकारी उपायों के अलावा जवानों को सौ दिन का अवकाश देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है ताकि वे अपने परिवारों के साथ ज्यादा समय बिता सकें।