भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को देश की राजनीति में बाजीगर, जादूगर, चाणक्य न जाने कितनी संज्ञाएं मिली हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में दोनों बार सत्ता में आई सरकार के शिल्पी के रूप में देखे जाते हैं। इतना ही नहीं सदस्यस्ता अभियान और राज्यों में विधानसभा चुनाव में सफलता ने उन्हें अलहदा राजनेता बना दिया, लेकिन महाराष्ट्र और हरियाणा ने माथे पर बल ला दिया है।
अमित शाह को दोनों राज्यों में भाजपा की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने से ही संतोष करना पड़ा है। केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष ने भाजपा मुख्यालय पहुंचकर पहली टिप्पणी यही दी। भाजपा अध्यक्ष के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाजपा मुख्यालय पहुंचे। दोनों नेताओं ने राजनीति के ताजा हालात पर चर्चा की।
दोनों राज्यों में पहली बार अपने बूते पर सत्ता में आई थी भाजपा
2014 के लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा और महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सफलता के झंडे गाड़े थे। पहली बार पार्टी को चुनाव बाद पूर्ण बहुमत सरकार बनाने का अवसर मिला था। पहली बार भाजपा हरियाणा की सत्ता में भी आई थी।
इसी तरह से पिछले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत लेकर भाजपा ने राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफलता का स्वाद चखा था। लेकिन 2019 में भाजपा की स्थिति गठबंधन की सरकार बनाने पर टिक गई है।