भाजपा के मुख्यमंत्रियों, उप मुख्यमंत्रियों और सभी प्रदेश अध्यक्षों के एक दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को कहा कि पार्टी ने कामकाज की राजनीति का अध्याय शुरू किया है। उन्होंने पार्टी के मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों को केंद्र के ‘गरीब हितैषी और सुशासन’ के एजेंडे के क्रियान्वयन के लिए प्रभावी माध्यम बनाएं।
उन्होंने कहा कि पार्टी देश के 51 फीसदी से अधिक भूभाग और 37 फीसदी आबादी पर राज करती है। ऐसे में राज्य मोदी सरकार की कल्याणकारी नीतियों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे क्योंकि वे केंद्र द्वारा शुरू की गई ऐसी 80 में से 65 योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार हैं।
मई 2014 में केंद्र की सत्ता में भाजपा के आने के बाद यह पहली ऐसी बैठक है। इस बैठक से कुछ ही पहले शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य इकाइयों की कोर समिति की बैठक में पार्टी के ‘गरीब-हितैषी और सुशासन’ का एजेंडा रखा था।
ऐसे समय में जब पार्टी दलितों और अल्पसंख्यकों के मुद्दे को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। पार्टी का मानना है कि कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से गरीबों के लिए लक्षित योजनाओं पर खास ध्यान देने से वह राजनीतिक परेशानियों से बचेगी और कमजोर वर्ग तक पहुंच सकेगी।
शाह ने कहा, ‘भाजपा ने देश में कामकाज की राजनीति का अध्याय शुरू किया है। भाजपा की प्रदेश सरकारें सिर्फ अपने कामकाज के आधार पर बार-बार चुनी गई हैं। यह केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि हम साथ मिलकर गरीबों के लिए कल्याणकारी राज्य बनाएं और आम जनता के जीवन को बदलें।’