केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सरकारी आवास में रहेंगे। केंद्रीय आवास व शहरी कार्य मंत्रालय ने कृष्णा मेनन मार्ग स्थित वाजपेयी के आवास को गृह मंत्री के नाम से आवंटित किया है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, अगले दो महीनों में शाम इस बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं।
इससे पहले मंत्रालय ने 2004 में केएम मार्ग स्थित सरकारी बंगले को अटल बिहारी वाजपेयी के नाम आवंटित किया था। वह यहां करीब 14 साल रहे। गत वर्ष अगस्त में उनके निधन के बाद से उनके परिजनों ने इस आवास को खाली कर दिया था।
सरकारी सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों इस बंगले का मुआयना कर कुछ बदलावों के साथ नवीकरण करने का कहा गया है। दो महीने के भीतर सारे काम पूरे हो जाएंगे। उसके बाद शाह यहां शिफ्ट हो सकते हैं। फिलहाल वह 11 अकबर रोड स्थित आवास पर रहते हैं।
गौरतलब है कि 2014 में सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने फैसला किया था कि आगे से किसी भी नेता के सरकारी आवास को उसकी मौत के बाद मेमोरियल में नहीं बदला जाएगा। इसी कड़ी में पूर्व प्रधानमंत्री के आवास को आवंटित किया जा रहा है। लेकिन हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में जीतने और मोदी सरकार में गृह मंत्री बनाये गये शाह को नया बंगला आवंटित किया गया है।
बता दें कि बतौर पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी, 14 साल तक इस बंगले में रहे। पिछले साल 16 अगस्त को उनके निधन के बाद, तत्कालीन मोदी सरकार ने इस बंगले को ‘अटल स्मृति’ के रूप में घोषित करने के कुछ भाजपा नेताओं के विचार को खारिज कर दिया था। सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि ‘राजघाट’ के पास वाजपेयी के समाधि स्थल को उनकी स्मृति में ‘सदैव अटल’ के नाम से विकसित किया है।
साल 2000 में तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने ही राष्ट्रीय नेताओं के सरकारी आवास को उनके निधन के बाद स्मृति स्थल के रूप में घोषित करने पर रोक लगाने का फैसला किया था। इस फैसले को बरकरार रखते हुए मोदी सरकार ने अक्तूबर 2014 में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के 12, तुगलक रोड, स्थित बंगले को स्मृति स्थल घोषित करने की रालोद अध्यक्ष अजीत सिंह की मांग को खारिज कर दिया था।