वाणिज्य एवं उद्योग व रेल मंत्री पीयूष गोयल जापान के त्सुकुबा शहर में शनिवार से आयोजित होने वाली दो दिवसीय जी-20 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान वैश्विक व्यापार परिदृश्य, डब्ल्यूटीओ मामलों और डिजिटल व्यापार पर चर्चा करेंगे।
वाणिज्य मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया है कि गोयल, व्यापार और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करेंगे। वे वर्तमान अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश पर अन्य भाग लेने वाले अन्य देशों के व्यापार मंत्रियों के साथ मुलाकात करेंगे।
इसमें बताया गया है कि ‘जी-20 व्यापार मंत्रियों की औपचारिक चर्चा जी-20 शिखर सम्मेलन के नेताओं के बातचीत का एजेंडे का हिस्सा होगा और शिखर सम्मेलन के घोषणा पत्र का भी हिस्सा होगा।’ जब से जी-20 का गठन हुआ है, तब से भारत इसमें सक्रियता से भाग ले रहा है।
हालांकि, जी-20 में कोई बाध्यकारी प्रतिबद्धताएं नहीं हैं, यह बहुपक्षीय व्यापार संबंधों के लिए एजेंडा निर्धारित करता है। विश्व की कुल आबादी में जी-20 की हिस्सेदारी दो-तिहाई और इनका विश्व अर्थव्यवस्था में 85 प्रतिशत योगदान है। जी-20 का गठन 19 देशों और यूरोपीय संघ (ईयू) से मिलकर हुआ है।
19 देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्र ीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं। इस मंत्रिस्तरीय बैठक में डिजिटल अर्थव्यवस्था के संयुक्त सत्र में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और वाणिज्य मंत्री भाग ले रहे हैं।