ममता ने बैठक में केंद्र द्वारा कथित तौर पर पश्चिम बंगाल की अनदेखी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि फेनी और बुलबुल चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य को केंद्र से पर्याप्त मदद नहीं मिली। उन्होंने जीएसटी मुआवजा भुगतान में देरी समेत कई अन्य मुद्दों को उठाया।
पटनायक ने देश के संपूर्ण पूर्वी जोन के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि टेलीडेंसिटी, रेलवे नेटवर्क और बैंकिंग डेंसिटी के मामलों में यह जोन अन्य जोनों की तुलना में काफी पिछड़ा है। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की जरूरत है।
वहीं, नीतीश ने बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास के कई मापदंडों में बिहार आज भी राष्ट्रीय औसत से नीचे है। शाह ने बैठक के बाद ट्वीट किया, बैठक सौहार्दपूर्ण और फलदायक रही। आपसी समन्वय के साथ लंबे समय से लंबित पड़े 48 में से 40 मुद्दों को हल कर लिया गया।
कोयला रॉयल्टी, विशेष आर्थिक पैकेज के मुद्दे उठे
सूत्रों का कहना है कि बैठक में नक्सली हिंसा के अलावा कोयला रॉयल्टी में संशोधन, क्षेत्र के राज्यों के तेजी से विकास के लिए विशेष आर्थिक पैकेज, जघन्य अपराधों की जांच, रेल संपर्क परियोजना, अंतरराज्यीय जल विवाद, पावर ट्रांसमिशन लाइनों और जानवरों की तस्करी, दूरदराज के इलाकों में टेलीकॉम व बैंकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी, पेट्रोलियम परियोजना जैसे मुद्दे उठे।
खाने की टेबल पर आमने-सामने शाह-ममता
पटनायक ने अपने आवास पर ईजेडसी की बैठक में हिस्सा ले रहे मुख्यमंत्रियों और गृहमंत्री के लिए लंच का आयोजन किया। इस दौरान एक-दूसरे के धुर विरोधी ममता और शाह खाने की टेबल पर आमने-सामने बैठे। लंच में नीतीश कुमार और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए। पटनायक और ममता दोनों ने अपने ट्विटर अकाउंट पर भोज की बैठे साझा की।