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माया-मुलायम को नोट बंदी से तकलीफ क्यों, कालाधन वालों का क्यों दे रहे साथः शाह

Fri, 11 Nov 2016 01:53 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ANI
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बड़े नोटों पर बैन लगाने के केंद्र सरकार के निर्णय का भाजपा ने जोरदार बचाव किया है। खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए दावा किया कि सरकार के इस निर्णय से आम आदमी को कोई दिक्‍कत नहीं होगी बल्कि कालाधन करने वालों की कमर टूट जाएगी। शाह ने कहा कि सरकार की तरफ से मैं लोगों को यह विश्वास दिलाता हूं कि इस निर्णय से आम आदमी को कोई दिक्‍कत नहीं होगी। सरकार हर किसी के हित की रक्षा करेगी। ढाई लाख से कम की जिसके पास भी नकदी है उसे किसी तरह से बैंक में अपना पैसा जमा करने में दिक्‍कत नहीं होगी।
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सरकार ने लोगों की दिक्‍कत को देखते हुए कई बड़े कदम भी उठाए हैं। जिनमें तीन दिन के लिए पूरे देशभर में टोल टैक्स को फ्री कर दिया गया है। इसके अलावा रेल, बस और तमाम जरूरी सुविधाओं वाली जगह पर अभी भी पुराने नोटों को लेने की व्यवस्‍था है।

शाह ने कहा एक हफ्ते के भीतर हालात सामान्य हो जाएंगे। जिसके बाद लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। गुरुवार को ही एक दिन में दो करोड़ नोट आम जनता के बीच बदले गए हैं। 
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मायावती-मुलायम बताएं उन्हें इस निर्णय से क्या दिक्‍कत है

- फोटो : ANI
अमित शाह ने इस मुद्दे पर विरोधी दलों द्वारा सरकार की आलोचना पर भी सवाल उठाया। शाह ने कहा कि जिस तरह बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह के साथ ही दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर विरोध जताया वह सोचनीय है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि इस निर्णय से उन्‍हें क्या दिक्‍कत हो सकती है। उन्हें तो खुश होना चाहिए कि सरकार के इस निर्णय से चुनावों में भी निष्पक्षता आ सकेगी।

जिस तरह का रवैया वह इस मुद्दे पर अपनाए हुए हैं उससे उनकी पोल खुल गई है। शाह ने केजरीवाल पर वार करते हुए कहा कि वह तो कालाधन रखने वालों का पक्ष ले रहे हैं।

शाह ने दावा किया कि जिस तरह इस निर्णय से आम जनता का समर्थन मिल रहा है वह सरकार का उत्साह बढ़ाने वाला है। उन्होंने मीडिया से भी कहा कि सरकार के इस निर्णय पर उन्हें भी समर्थन करना चाहिए। इस फैसले से अर्थव्यवस्‍था पर जो दूरगामी प्रभाव पड़ेंगे उनके बारे में लोगों को बताना चाहिए। 
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