पार्टी के एक सूत्र ने कहा, 'पिछले साल येदियुरप्पा को सदन में बहुमत साबित करने का एक मौका दिया गया था लेकिन वह असफल रहे। उनके पास जरूरी 113 के मुकाबले 104 विधायक हैं। तब से भाजपा की संख्या में केवल एक विधायक की बढ़ोतरी हुई है जोकि पर्याप्त नहीं है।' वाला ने अपने विचार पार्टी नेतृत्व के साथ साझा किए हैं। शाह ने अपना फैसला तब बदला जब एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें आश्वासन दिया कि बागी विधायक उन्हें धोखा नहीं देंगे।
टीम ने शाह को बताया कि 17 बागी विधायक विश्वास मत के दौरान अनुपस्थित रहे थे। भाजपा सदन में अपना बहुमत साबित कर सकती है और उसके पास सरकार को स्थिर करने के लिए छह महीने हैं। शुक्रवार को शाह ने कर्नाटक के नेताओं, नड्डा और भाजपा के महासचिव मुरलीधर राव के साथ दो घंटे बातचीत की। स्पीकर केआर रमेश कुमार के तीन विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने से उनके 2023 तक चुनाव लड़ने से रोक लग गई है। इसी साल राज्य की विधानसभा का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा।
शेट्टार ने कहा, 'ऐसा लगता है कि कांग्रेस-जेडीएस कैंप ने स्पीकर के फैसले का इस्तेमाल बागी विधायकों को डराने के लिए किया। हम कोई चांस नहीं लेना चाहते हैं।' शाह ने गुरुवार को कथित तौर पर कानूनी विशेषज्ञों के साथ इस मामले पर चर्चा की। ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आईं हैं कि कुमारस्वामी सरकार गिरने के बावजूद कांग्रेस रामलिंगा रेड्डी के जरिए मुंबई में ठहरे हुए बागी विधायकों के साथ बातचीत करने और उन्हें मनाने की कोशिश कर रही थी।