केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधी जयंती के अवसर देशवासियों से हर साल कम से कम पांच हजार रुपये के खादी उत्पाद खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खादी उत्पादों की बिक्री बढ़ने से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और उनका जीवन बेहतर होगा।
गृह मंत्री शाह ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित खादी इंडिया में 'खादी महोत्सव 2025' का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन भुगतान कर खादी के उत्पाद भी खरीदे। उन्होंने कहा कि देश आज महात्मा गांधी की 156वीं जयंती और दशहरा मना रहा है। उन्होंने बापू के खादी और स्वदेशी के विचारों को नमन करते हुए लोगों से अपने बॉर्ड रोब में खादी उत्पादों को अधिक से अधिक शामिल करने का आग्रह किया। ताकि, खादी उद्योग से जुड़े गरीब लोगों के जीवन में रोशनी भर सकें। शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम से प्रेरित होकर देश के लाखों परिवारों ने विदेशी सामान का उपयोग न करने का संकल्प लिया है। इसी तरह लाखों दुकानदारों ने भी विदेशी वस्तुएं न बेचने का फैसला किया है। खादी और स्वदेशी को सफल बनाने की जिम्मेदारी हर नागरिक की है।
मोदी ने खादी को पुनर्जीवित किया
शाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश की आजादी की लड़ाई में खादी और स्वदेशी को जोड़ा था और इन्हीं विचारों ने गरीबों के जीवन में नया प्रकाश लाया। लंबे समय तक इन विचारों को भुला दिया गया था, लेकिन 2003 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने खादी को दोबारा जीवित करने का काम किया। उनके पुनर्जीवन अभियान से फिर खादी की लोकप्रियता बढ़ी।
1.70 लाख करोड़ पहुंचा खादी का टर्नओवर
शाह ने बताया कि 2014 के बाद से खादी उत्पादों की खपत कई गुना बढ़ी है और आज खादी ग्रामोद्योग का टर्नओवर 1.70 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। हमें खादी और स्वदेशी को अपनी आदत बनाना होगा और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना होगा।