मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 15 निर्दलीयों के समर्थन का दावा कर चुके हैं। बुधवार को जन सुराज पार्टी के नेता और कोल्हापुर से विधायक विनय कोरे ने भी भाजपा को समर्थन दे दिया। हालांकि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक शिवसेना से विवाद का हल निकलने की पूरी उम्मीद है। भाजपा के पास शिवसेना को केंद्र सरकार में भी उचित प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव है।
कृषि, गृह और वित्त मंत्रालय भी नहीं
मध्यस्थों के जरिए भाजपा ने शिवसेना की सीएम पद की मांग ही नहीं ठुकराई है, बल्कि यह भी कहा है कि वह गृह, वित्त और कृषि जैसे विभाग अपने पास ही रखेगी। हालांकि पार्टी मंत्रिमंडल में शिवसेना का प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर राजी है। दूसरी ओर, शिवसेना की तरफ से ऐसे किसी प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया नहीं आई है। शिवसेना के 56 विधायक जीते हैं और उसे पांच निर्दलियों ने समर्थन दिया है। इससे उनका संख्याबल 61 पहुंच गया है।
फडणवीस ने किया उद्धव को फोन
मंगलवार को होने वाली भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की बैठक रद्द होने के बाद फडणवीस ने रास्ता निकालने का प्रयास तेज कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक फडणवीस ने बुधवार दोपहर बाद उद्धव को मुलाकात के लिए फोन किया और जल्द सरकार बनाने के लिए रास्ता निकालने पर चर्चा की।
उधर महाराष्ट्र विधानसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी एनसीपी के नव निर्वाचित विधायकों ने अजित पवार को अपना नेता चुना है। सदन में अब वह पार्टी के नेता होंगे। बुधवार शाम को यहां नव निर्वाचित विधायकों की बैठक के बाद एनसीपी के राज्य अध्यक्ष जयंत पाटिल ने यह घोषणा की।
भाजपा-गठबंधन के बाद सबसे ज्यादा 54 सीटें एनसीपी की है, इसलिए उनकी सरकार बनने पर एनसीपी को विपक्ष का नेता पद मिलेगा। कांग्रेस 44 सीटों के साथ चौथे स्थान पर रही है। नेता चुनने की बैठक में जयंत पाटिल ने अजित पवार का नाम आगे बढ़ाया था, जिसका अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अनुमोदन किया।