कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा
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धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि उन्होंने हिम्मत, साहस, जिम्मेदारी और नेतृत्व दिखाना होगा। उन्होंने कल्डी में भूस्खलन स्थल का पहली बार दौरा किया, जहां इस आपदा में आठ लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि उन्होंने हिम्मत, साहस, जिम्मेदारी और नेतृत्व दिखाना होगा।
कांग्रेस सांसद सुबह कन्नूर हवाई अड्डे पर उतरे और सड़क मार्ग से वायनाड निर्वाचन क्षेत्र के मेप्पडी में भूस्खलन स्थल की ओर रवाना हुए। आपदा स्थल की ओर जाते समय, वाड्रा का स्वागत वायनाड इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने किया।
छात्रों ने प्रियंका गांधी को धन्यवाद क्यों कहा?
पार्टी सूत्रों ने बताया कि यह छात्रों नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली में छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इसके बाद वह दोपहर करीब 2 बजे अनाक्कम्पॉयिल सुरंग सड़क परियोजना के पास आपदा स्थल पर पहुंची और कुछ बचे हुए लोगों से मिली, और उनसे सुना कि वे कैसे बाल-बाल बचे।
सूत्रों के अनुसार, वह घटना में घायल हुए उन लोगों से मिलने जाएंगी जिनका इलाज यहां डब्लूआईएमएस अस्पताल में चल रहा है। इसके साथ ही उस स्थल का भी दौरा करेंगी जहां कांग्रेस चोरालमाला भूस्खलन के पीड़ितों के लिए घर बना रही है।
क्या है पूरा मामला?
7 जुलाई को अनाक्कम्पॉयिल-मेप्पडी सुरंग परियोजना के स्थल पर हुए भूस्खलन में आठ लोगों की मौत हो गई, जिसका उद्देश्य वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ना है।