रूस और यूक्रेन विवाद के बीच कांग्रेस सांसद और भारत के पूर्व विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने दोनों देशों में से भारत की प्राथमिकता को लेकर बयान दिया है। थरूर ने रविवार को कहा कि भू-राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद भारत-रूस संबंधों में कोई बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि ये संबंध सदियों पहले अपनी जड़ें मजबूत कर चुके हैं और समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।
थरूर यहां रूसी सदन द्वारा आयोजित भारत-रूस राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ समारोह के उद्घाटन में पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण दुनिया बनाने के लिए देशों के बीच राजनयिक संबंधों को मजबूत करना जरूरी है। बयान में थरूर के हवाले से कहा गया कि भारत-रूस के संबंध अद्वितीय है। भू-राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद, भारत-रूस संबंधों में कोई बदलाव नहीं आया। ये संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सोवियत संघ के टूटने के बाद, हमने सोचा था कि हमारे दोस्ताना संबंधों में गिरावट आएगी। लेकिन लंबे समय से एक दोस्त होने के नाते रूस हमारे आर्थिक विकास और सुरक्षा का समर्थन करता रहा। राष्ट्रों के बीच नए सहयोगियों के बावजूद हमारी विशेष रणनीतिक साझेदारी महत्वपूर्ण है।’’
इस कार्यक्रम को लेकर रूसी संघ के मानद वाणिज्य दूत रतीश सी नायर ने बयान जारी किया। नायर मौजूदा समय में तिरुवनंतपुरम में रूसी सदन के निदेशक भी हैं। उन्होंने कहा कि 10 महीने तक चलने वाले समारोह के तहत सेमिनार, प्रदर्शनियों, चर्चाओं और प्रतियोगिताओं की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी।