एक गणितज्ञ की गणितीय गणना ने अमेरिकी तैराकों को इस लायक बनाया कि वह पेरिस ओलंपिक खेलों में पदक पदक जीत रहे हैं। कुछ अमेरिकी एथलीट अपने शानदार प्रदर्शन का श्रेय गणितज्ञ केन ओनो के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दिया है। अमेरिका की तैराकी टीम की सदस्य केट डगलस उन खिलाड़ियों में हैं जिन्होंने केन ओनो के साथ काम किया है।
रिसर्च जर्नल नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक पेरिस में 2024 ओलंपिक खेलों में अमेरिकी तैराकों के लिए और पदक आते रहेंगे। इसका श्रेय गणितीय गणना को जाता है। इसकी वजह से अमेरिका के कई एथलीटों ने हाल के वर्षों में अपने समय में अच्छा खासा सुधार किया है। इनमें से यह सुधार चार्लोट्सविले में वर्जीनिया विश्वविद्यालय के गणितज्ञ केन ओनो के कारण संभव हो पाया है।
तैराकों को अधिक कुशलता से तैरने में करते हैं मदद
रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय की तैराकी टीम के छात्रों के साथ वर्षों तक काम करते हुए ओनो ने स्वीमिंग पूल में शरीर की बारीक हरकतों की निगरानी करने की तकनीक विकसित की है। ओनो और उनके सहयोगी जेरी लू एथलीटों के 3डी मॉडल बनाते हैं और छोटे-छोटे बदलाव खिलाड़ियों को सुझाते हैं।
उनके सुझाव हर तैराकी के स्ट्रोक पर सेकंड के कीमती अंशों को बचाते हैं। ओनो पेरिस ओलंपिक में अमेरिकी तैराकी टीम के साथ काम कर रहे हैं। ओनो कहते हैं कि वह तैराकों को सटीक प्रशिक्षण के साथ थोड़ा और अधिक कुशलता से तैरने में मदद करते हैं।
गणितीय आंकड़ों के निष्कर्ष पर आधारित है यह तकनीक
ओनो के अनुसार तैराक द्वारा अपनाई गई तकनीक को जब वह स्वीमिंग पूल में उपयोग में लाते हैं तो वह वैज्ञानिक रूप से उस इवेंट के लिए निकाले गए गणितीय आंकड़ों के निष्कर्ष पर आधारित होती है। हम इस प्रकार के इवेंट के अवसर पर तैराक के लिए लक्ष्यों की महत्वपूर्ण पहचान करते हैं जो उनके प्रदर्शन को और बेहतर बनाता है।
छोटी लेकिन निर्णायक हिस्सा है यह
तकनीक : ओनो कहते हैं कि विज्ञान मानव और हम जो कुछ भी देख सकते हैं उसमें अहम भूमिका निभाता है। निश्चित रूप से इसके कुछ लाभ भी हैं। हमारी यह तकनीक वास्तव में पदक विजेता के सफर की बहुत छोटी लेकिन कई बार बेहद निर्णायक हिस्सा बन जाती है। ऐसे में तैराकों को पदक जीतते देखना निश्चित रूप से रोमांचकारी होता है।