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अमेरिका के एक लॉ फर्म ने नियुक्त किया दुनिया का पहला रोबोट वकील

Tue, 17 May 2016 06:03 AM IST
एजेंसी/ वाशिंगटन

सार

  • आईबीएम के कॉग्निटिव कंप्यूटर वाटसन के आधार पर बना है यह रोबोट
  • लगातार सीखने वाला यह रोबोट
  • उपयोगकर्ताओं को अदालत के फैसलों का अलर्ट भी भेजता है
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रोबोट
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विस्तार
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दुनिया में अर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी आधारित पहला वकील तैयार हो चुका है। इसे अमेरिका के ही एक लॉ फर्म बेकर होस्टेटलर ने विधिक शोध की विभिन्न टीमों की मदद के लिए नियुक्त किया है। इस रोबोट का नाम रॉस (आरओएसएस) है। इसका निर्माण आईबीएम के कॉग्निटिव (संज्ञानात्मक) कंप्यूटर वाटसन के आधार पर किया गया है।
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वाटसन के संज्ञानात्मक कंप्यूटिंग और प्राकृतिक भाषा की प्रोसेसिंग क्षमताओं की वजह से वकील रॉस से अपने शोध संबंधी सवाल पूछ सकते हैं। इसके बाद रोबोट कानूनों को पढ़ कर, सबूत जुटाता है, निष्कर्ष निकालता है और फिर सबसे अधिक उपयुक्त सबूत आधारित जवाब देता है।

रॉस कानूनों पर नजर भी रखता है और अदालत के उन निर्णयों की सूचना उपयोगकर्ताओं को देता है जिससे कोई मामला प्रभावित हो सकता है। रोबोट का प्रोग्राम लगातार उन वकीलों से कुछ न कुछ सीखता भी रहता है जो प्रत्येक बार इससे बेहतर परिणाम की अपेक्षा करते हैं।
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इन मामलों में कंपनी लेगी रोबोट की मदद

केस लड़ने में करेगा मदद
लॉ फर्म बेकर होस्टेटलर रॉस के इस्तेमाल का लाइसेंस दिवालियापन, पुनर्संरचना और कर्जदाताओं के अधिकार से जुड़ी टीम को देगी। फर्म के मुख्य सूचना अधिकारी बॉब क्रेग ने कहा, ‘बेकर होस्टेटलर में हम मानते हैं कि कॉग्निटिव कंप्यूटिंग और मशीन से सीखने के अन्य रूपों जैसी उभरती तकनीकों से हमें अपने ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं।’

रॉस रोबोट बनाने वाली कंपनी रॉस इंटेलीजेंस ने यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटों में 2014 में इस दिशा में शोध शुरू किया था। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी विधिक शोध सहायक का निर्माण करना था ताकि वकील अपनी क्षमताओं में सुधार कर सकें।
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