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Climate Change: भारत में जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन करेगा अमेरिकी-हिंदी छात्रों का दल

Mon, 30 May 2022 04:51 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई प्रवास पर आए अशोक ओझा ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन के लिए आने वाले 12 प्रतिभागियों के चयन की प्रक्रिया 15 जून से शुरू हो जाएगी। इसमें छह हिंदी के छात्र होंगे जबकि अन्य छह सदस्य अमेरिका में हिंदी सीखने और पढ़ाने वाले लोग शामिल होंगे...
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क्लाइमेट चेंज - फोटो : FILE PHOTO
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विस्तार
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जलवायु परिवर्तन के खतरे का अध्ययन करने अमेरिका में हिंदी पढ़ रहे छात्रों का एक दल भारत आने वाला है, जो न केवल यहां की गौरवशाली विरासत को समझने का प्रयास करेगा बल्कि भारत की संस्कृति से भी परिचित हो सकेगा। अमेरिकी छात्रों का यह दल मुंबई, राजस्थान और उत्तराखंड की तराई में एक महीने प्रवास करेगा। इसके आधार पर अमेरिका में हिंदी शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा।

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अमेरिका के हिंदी छात्रों का भारत दौरा हिंदी की सेवा के लिए भारत के राष्ट्रपति की ओर से पुरस्कृत न्यूयार्क विश्वविद्यालय की प्रो. गैब्रिएला निक इलेवा के मार्गदर्शन में हो रहा है। बतौर अकेडमी चीफ जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन की रूपरेखा भी उन्होंने ही तैयार की है। अमेरिका में बीते 15 साल से हिंदी की अलख जगा रहे अशोक ओझा 12 सदस्यीय टीम का नेतृत्व करेंगे। वे इसके प्रोग्राम डायरेक्टर बनाए गए हैं।

मुंबई प्रवास पर आए अशोक ओझा ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन के लिए आने वाले 12 प्रतिभागियों के चयन की प्रक्रिया 15 जून से शुरू हो जाएगी। इसमें छह हिंदी के छात्र होंगे जबकि अन्य छह सदस्य अमेरिका में हिंदी सीखने और पढ़ाने वाले लोग शामिल होंगे। अमेरिका के न्यूजर्सी शहर में रहने वाले ओझा कभी मुंबई में पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। फिलहाल, अमेरिका सरकार की मदद से हिंदी की सेवा कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी शिक्षा विभाग की तरफ से उन्हें ‘फुल ब्राइट–हैश’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी छात्रों का दल 12 नवंबर को न्यूयार्क से मुंबई आएगा। उसके बाद राजस्थान के अलवर में एक सप्ताह तक जल विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह के कामकाज का अध्ययन कर यह टीम देहरादून पहुंचेगी और फिर हिमालय की तराई का अध्ययन करेगी। इस दौरान यह पता किया जाएगा कि वहां लोग किस तरह की स्थिति का सामना कर रहे हैं। नैनीताल आखिरी पड़ाव होगा। कुमायूं विश्वविद्यालय के सहयोग से अन्य जानकारी इकट्ठा की जाएगी।

भारत में एकत्र की गई सामग्री से तैयार होगा पाठ्यक्रम

अशोक ओझा ने बताया कि अमेरिकी हिंदी छात्रों के इस अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर ही अमेरिका में हिंदी शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। इसके लिए एक महीने की ट्रेनिंग होगी। भारत से लौटे छात्र अमेरिका के तीन प्रमुख विश्वविद्यालय (न्यूयार्क विश्वविद्यालय, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस आस्टिन और मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी) के प्राध्यापकों के साथ काम करेंगे और पाठ्यक्रम तैयार कर जून 2023 से पहले यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन के सुपुर्द कर देंगे। उसके बाद शिक्षा विभाग यह पाठ्यक्रम पूरे अमेरिका में उपलब्ध कराएगा।

अमेरिका में हेरिटेज भाषा है हिंदी, सौ विश्वविद्यालयों में होती है पढ़ाई

अमेरिकी सरकार में हिंदी कार्यक्रम के निदेशक बने अशोक ओझा बताते हैं कि अमेरिका में हिंदी को हेरिटेज भाषा का दर्जा प्राप्त है और सौ विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है। ओझा ने अमेरिका में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए ‘युवा हिंदी संस्थान’ व ‘हिंदी संगम फाउंडेशन’ की स्थापना भी की है। उन्होंने बताया कि गर्मी की छुट्टियों में स्कूल किराए पर लेकर हिंदी की कक्षाए चलाई जाती हैं। हम छात्रों को भाषा का ज्ञान ही नहीं देते बल्कि उन्हें भारत के बारे में भी बताते हैं। कक्षाओं में भारतीय मूल के अलावा अमेरिकी बच्चे भी हिंदी पढ़ते हैं। कुछ बच्चे तो हिंदी फिल्में देखने के लिए हिंदी पढ़ते हैं।

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