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रिश्तों में बढ़ी खटास, अमेरिका ने भारत से दूसरी बार टाली टू प्लस टू बैठक

Thu, 28 Jun 2018 10:46 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत और अमेरिका के रिश्तों में धीरे-धीरे खटास बढ़ रही है। अमेरिका द्वारा शुरू किया गया ट्रेड वार अब दूसरे मोड़ पर पहुंच चुका है। यही नहीं अमेरिका ने भारत के साथ होने वाली पहली उच्च स्तरीय 'टू प्लस टू' बैठक को भी टाल दिया है। यह वार्ता 6 जुलाई को वाशिंगटन में होने वाली थी। जिसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भाग लेने वालीं थी। भले ही यह वार्ता को अमेरिका ने टाल दिया और माफी भी मांगी ली है लेकिन इससे यह साबित हो गया है कि दोनों देशों के रिश्तों में तेजी से कड़वाहट फैल रही है। और यह साफ हो गया है कि ट्रंप की लिस्ट में भारत का स्थान महत्वपूर्ण बिलकुल नहीं है।  

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बता दें कि दोनों देशों में व्यापार और कई तरह की संधी को लेकर शुरू होने वाली इस वार्ता को लेकर बात जून 2017 में ही हुई थी। इस अहम बैठक को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई थी जो आज तक शुरू नहीं हो पाई है। 

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि पहली बार भारतीय पक्ष का नेतृत्व दो महिला कैबिनेट मंत्री करने जा रही थीं और इस बैठक में सामरिक और कूटनीतिक विषयों पर नए सिरे से समीक्षा की जानी थी। 
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यह पहली बार नहीं है कि अमेरिका ने  यह बैठक टाली है इससे पहले मार्च में भी यह बैठक आखिरी समय में टाल दी गई थी। बुधवार को बैठक टाले जाने के विषय में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने सुषमा स्वराज से बात की है और वार्ता टालने के लिए खेद व्यक्त किा है। रवीश कुमार ने कहा कि दोनों नेताओं ने जल्द से जल्द इस बैठक के लिए फिर से तारीख तय करने पर भी बात की है। 

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टू प्लस टू वार्ता क्या है

Modi-Trump
बता दें कि पिछली बार जब वार्ता टाली गई थी तब उसका कारण ट्रंप का तत्कालीन विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन को पद से हटा दिया जाना बताया गया था जबकि ऐसा माना जा रहा है कि इस बार भी मौजूदा विदेश मंत्री जिम मैटिस ट्रंप की आंखों में खटक रहे हैं। 

पिछले दिनों जिस तरह से भारत और अमेरिका के रिश्तों में व्यापार को लेकर खटास बढ़ी है और उसे देखते हुए लग रहा है कि दोनों के रिश्ते जल्द सामान्य नहीं होंगे। वैसे भारत अमेरिका से व्यापारिक रिश्ता सुधारने के लिए 1000 नागरिक विमान खरीदने का प्रस्ताव दिया है। बता दें कि दोनों देशों के रिश्तों में खटास इसी महीने के  मार्च में शुरू हुई जब अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले एल्युमिनियम और इस्पात पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था। इसके जवाब में भारत ने भी अमेरिका से आयात होने वाली मोटरसाइकिल, सेब, बादाम समेत 30 उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। 

टू प्लस टू वार्ता क्या है

 भारत और अमेरिका के बीच यह विशेष वार्ता (टू प्लस टू) है जिसमें दोनों देशों के बीच कारोबारी मुद्दों पर बात होनी थी। इस बैठक में दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री प्रतिनिधित्व करते हैं। जिसमें दोनों देशों के रणनीतिक, कूटनीतिक और रक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होनी है।

टू प्लस टू वार्ता दोनों देशों के बीच होने वाले कारोबार के लिए अहम मानी जा रही है। इस बैठक का अहम मकसद दोनों पक्षों के सुरक्षा व रणनीतिक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर आपसी हितों पर चर्चा करना भी है। 

इस वार्ता की शुरुआत राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुई थी जिसमें भारत के साथ कूटनीतिक व वाणिज्यिक वार्ता होती थी जिसमें दोनों देशों के विदेश, रक्षा, वित्त, वाणिज्य व ऊर्जा मंत्री शामिल होते थे। 
 
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