अहमदाबाद नगर निगम ने अपनी रेस्क्यू क्षमता को और मजबूत करने के लिए एक हाईटेक रोबोट पेश किया है। निगम की ये पहल पानी के अंदर बचाव और खोज अभियानों को और भी आसान और हाईटेक बनाने की दिशा में अहम कदम है, जिससे पानी के अंदर की 200 मीटर तक के रहस्य को सुलझाएगा।
अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने अब जल में होने वाले बचाव और खोज अभियानों को और भी आसान और हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। निगम ने एक रोबोटिक डिवाइस पेश किया है जो 200 मीटर तक पानी के अंदर जाकर खोज कर सकता है। इस उपकरण का नाम डीप ट्रैकर रिमोट-ऑपरेटेड व्हीकल (आरओवी) है। बता दें कि इस रोबोट का उपयोग नदियों या नहरों में गिरी चीज़ों को ढूंढ़ने, डूबे हुए शवों को निकालने के साथ-साथ अपराध के मामलों में पानी में फेंके गए हथियार या सबूत खोजने में भी आ सकता है।
क्यों खास है ये रोबोट
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बात अगर इस रोबोट के खासियत की करें तो यह रोबोट एक कैमरे और मैकेनिकल ग्रैबर से लैस है। इसे दूर से कंट्रोल किया जा सकता है। ये रोबोट कम रोशनी या दृश्यता में भी काम कर सकता है। इसके साथ ही यह रोबोट 100 किलो तक की वस्तुएं उठाकर बाहर निकाल सकता है।
थर्ड पार्टी एजेंसी ने दिया इस डिवाइस का डेमो
AMC के फायर और इमरजेंसी डिपार्टमेंट के डिविजनल फायर ऑफिसर ओम जडेजा ने जानकारी दी कि एक थर्ड पार्टी एजेंसी ने इस डिवाइस का डेमो दिया। उन्होंने बताया कि हमने कुछ आसपास की रेस्क्यू टीमों को बुलाया और पानी में एक वस्तु डाली। इस रोबोट की मदद से उसे 200 मीटर गहराई तक खोजा गया। यह उपकरण सोनार तकनीक से चलता है और बेहद प्रभावशाली है।
इसके साथ ही इस रोबोट को लेकर बताया गया है कि अभी तक फायर ब्रिगेड के पास ऐसा कोई उपकरण नहीं था, इसलिए कई बार गोताखोरों या फायर फाइटर्स को खुद ही खतरनाक परिस्थितियों में पानी में उतरकर मैन्युअल सर्च करना पड़ता था। इस रोबोट की मदद से अब ऐसे ऑपरेशनों में तेजी और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकेगी।
रेस्क्यू क्षमता में मजबूती के लिए एएमसी की योजना
एएमसी इस उपकरण को खरीदने की योजना बना रही है ताकि फायर डिपार्टमेंट की रेस्क्यू क्षमता को और बेहतर किया जा सके। भविष्य में इस तरह के और डिवाइस जोड़े जा सकते हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को AMC ने नेक्सस वन मॉल में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की, जिसमें कई आपातकालीन एजेंसियों ने हिस्सा लिया।