Karur Stampede: तमिलनाडु के करूर में भगदड़ के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने उस समय ड्यूटी पर तैनात एंबुलेंस चालकों से पूछताछ की है। भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 60 से अधिक घायल हो गए थे।
तमिलनाडु के करूर में भगदड़ के मामले में शनिवार को पुलिस ने उस समय वहां ड्यूटी पर तैनात एंबुलेंस चालकों से पूछताछ की। अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी के प्रमुख विजय की रैली में 27 सितंबर को भगदड़ मची थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
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करूर शहर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि करूर के वेलुसम्यपुरम में हुए इस हादसे के समय वहां मौजूद पांच से छह छह चालक जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए। अधिकारी ने 'पीटीआई' को बताया कि सरकारी और निजी दोनों तरह की एंबुलेंस के चालकों से पूछताछ की गई, जो करूर और आस-पास के जिलों से थे।
पुलिस ने एंबुलेंस चालकों से ली जानकारी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने यह जानकारी मांगी कि चालकों को किसने बुलाया था, सरकारी और निजी अस्पताली से कितनी कॉल आईं और कितनी एंबुलेंस सेवा में लगाई गईं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) डेविडसन देवसिरवत्थम ने 28 सितंबर को को पत्रकारों से कहा था कि टीवी की ओर से उपलब्ध कराई गई पांच एंबुलेंस पुलिस निवास के पास खड़ी थीं। उन्होंने बताया, घटना के तुरंत बाद पुलिस ने स्थानीय थाना को माइक्रोफोन के जरिए सूचित किया और अमरावती अस्पताल से करीब दस एंबुलेंस सेवा में लगाई गईं। यह एक खास बिंदु है।
दक्षिणपंथी यूट्यूबर गिरफ्तार, बाद में रिहा
तमिलनाडु की साइबर अपराध पुलिस ने करूर भगदड़ से संबंधित कथित रूप से अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में मशहूर दक्षिणपंथी यूट्यूबर मरिधास को गिरफ्तार कर लिया। मरिधास को उनके आवास से हिरासत में लेने के बाद घटना से संबंधित सोशल मीडिया पर पोस्ट के बारे में पूछताछ की गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में यूट्यूबर को आगे की पूछताछ के लिए फिर से पेश होने के निर्देश के साथ रिहा कर दिया गया। बाद में मरिधास ने अपने बयानों का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने भगदड़ के बारे में कोई झूठा दावा नहीं किया था। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अभिनेता विजय के खिलाफ द्रमुक सरकार की कार्रवाई अन्याय से प्रेरित थी।