अमेजन और फ्यूचर ग्रुप ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रिलायंस रिटेल के साथ एफआरएल के विलय सौदे के संबंध में सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) में मध्यस्थता मामले को फिर से शुरू करने के लिए सहमति व्यक्त की। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने अमेजन और फ्यूचर ग्रुप को एक संयुक्त ज्ञापन दाखिल करने को कहा। कोर्ट को दोनों पक्षों के वकीलों ने सूचित किया कि वे एसआईएसी मध्यस्थ न्यायाधिकरण के समक्ष पेश होने के लिए सहमत हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह एसआईएसी से कार्यवाही में तेजी लाने का अनुरोध करेगा।
अमेजन डॉट कॉम (Amazon.com) एनवी इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स एलएलसी और एफआरएल रिलायंस रिटेल के साथ एफआरएल के 24,713 करोड़ रुपये के विलय सौदे को लेकर कानूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं। अमेजन रिलायंस रिटेल के साथ फ्यूचर ग्रुप के एफआरएल के विलय सौदे को आगे बढ़ाने के फैसले का विरोध करता रहा है। सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (एसआईएसी) का फैसला इसके पक्ष में आया था जिसने फ्यूचर ग्रुप को विलय सौदे के साथ आगे बढ़ने से रोक दिया था। शीर्ष अदालत अमेरिकी कंपनी अमेजन और किशोर बियानी के स्वामित्व वाले समूह फ्यूचर के बीच मध्यस्थता समाप्त होने तक फ्यूचर रिटेल को अपनी खुदरा संपत्ति को अलग करने से रोकने के लिए अमेजन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
इससे पहले अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अमेजन और फ्यूचर ग्रुप के बीच समझौते के लिए बातचीत हुई थी, लेकिन एफआरएल की संपत्ति पर मध्यस्थता की कार्यवाही में कोई प्रगति नहीं हुई है। इसने यह भी कहा था कि भले ही शीर्ष अदालत ने इस मामले से दूर रहने का आदेश दिया था, लेकेिन एफआरएल स्टोर को रिलायंस ने अपने कब्जे में ले लिया है।