न्यूजीलैंड में मस्जिदों पर हमले के बाद धार्मिक उन्माद का जिन्न फिर बाहर आ गया है। धर्म के नाम पर हिंसा करने वाले इस बात को भूल जाते हैं कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है और कोई भी धर्म या पंथ किसी की जान लेने की इजाजत नहीं देता।
इसी मुद्दे पर अमर उजाला ने अपने पाठकों से सवाल पूछा था कि क्या दुनिया की सरकारें धार्मिक उन्माद रोकने में असफल साबित हो रही हैं? सवाल के जवाब में कुल 3826 वोट पड़े। इनमें 85.68 फीसद लोगों ने माना कि दुनिया भर की सरकारें धार्मिक उन्माद पर रोक लगाने में नाकाम साबित हुई हैं। वहीं, 14.32 फीसद लोगों ने कहा कि ऐसा नहीं है।