तिब्बती धर्मगरु दलाई लामा ने सोमवार को बड़ा बयान देते हुए कहा था कि भारत और चीन एक दूसरे को हरा नहीं सकते और दोनों देशों को पड़ोसी की तरह साथ रहना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा था कि ‘‘हिंदी-चीनी भाई भाई’’ की भावना आगे बढ़ाने का एकमात्र रास्ता है।
इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा था कि मौजूदा सीमा स्थिति में ना तो भारत और ना ही चीन एक दूसरे को हरा सकते हैं। दोनों देश सैन्य शक्ति सम्पन्न हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को पड़ोसी की तरह साथ रहना होगा।
दलाई लामा ने यह भी कहा था कि सीमा पार गोलीबारी की कुछ घटनाएं हो सकती हैं। यह कोई मायने नहीं रखता। बता दें कि दलाई लामा एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या भारत और चीन को लेकर तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के दिए गए बयान से आप सहमत हैं?' पोल के जवाब में हमें कुल 8502 वोट मिले।
इनमें 53.72 फीसदी (4567 वोट) पाठकों ने हां में जवाब देते हुए भारत और चीन को लेकर तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के दिए गए बयान से सहमति जताई है, जबकि 41.6 फीसदी (3491 वोट) पाठकों ने भारत और चीन को लेकर तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के दिए गए बयान से असहमति जाहिर की है । वहीं 5.22 फीसदी (444 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।