गुरुवार को संसद में मानसून सत्र के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सीमा विवाद मसले पर चीन को चेतावनी देते हुए कहा था कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं। उन्होंने चीन को साफ तौर पर कहा था कि चीन को पहले डोकलाम से सेना हटानी पड़ेगी, तभी भारत अपनी सेना हटाए जाने पर विचार करेगा।
बताते चलें कि चीनी मीडिया की ओर से बार-बार भारत को युद्ध की चेतावनी के देने के साथ डोकलाम से सेना हटाने के लिए कहा जा रहा है। चीन की सरकारी मीडिया का कहना है कि अगर भारत सिक्किम सीमा से अपनी सेना नहीं हटाता है तो उसे इसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा ने चीन को संसद से कड़े शब्दों में संदेश दिया है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या संसद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दिए गए बयान से चीन को सबक मिलेगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 12,285 वोट मिले। इनमें 67.95 फीसदी (8348 वोट) पाठकों ने हां में जवाब दिया, जबकि 27.6 फीसदी (3391 वोट) पाठकों ने माना कि संसद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दिए गए बयान से चीन को सबक नहीं मिलेगा। वहीं 4.44 फीसदी (546 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।