मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार ने काम न करने वाले सरकारी अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 आईएएस समेत 381 अफसरों पर उनके खराब प्रदर्शन के लिए दंडित किया। ये कार्रवाई मोदी सरकार ने 'काम करो या बाहर जाओ नीति के तहत की।
मामले में आइएएस अफसरों के मामले देखने वाली नोडल एजेंसी के केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया था कि यह कार्रवाई उनके खराब प्रदर्शन और कथित रूप से अवैध गतिविधियों में शामिल के लिए की गई। बता दें कि इन अफसरों के खिलाफ समयपूर्व सेवानिवृत्ति और पारिश्रमिक में कटौती जैसी कार्रवाई की गई है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या मोदी सरकार की इस कार्रवाई से सरकारी अधिकारियों के काम करने के रवैये में सुधार आएगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 15,449 वोट मिले। इनमें 74.29 फीसदी (11,477 वोट) पाठकों ने मोदी सरकार की इस कार्रवाई से सरकारी अधिकारियों के काम करने के रवैये में सुधार आएगा मानते हुए हां में जवाब दिया, जबकि 21.3 फीसदी (3290 वोट) पाठकों ने माना कि मोदी सरकार की इस कार्रवाई से सरकारी अधिकारियों के काम करने के रवैये में सुधार नहीं होगा। वहीं 4.41 फीसदी (682 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।