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भाजपा ने सुरक्षित किया 2019 का किला

Wed, 26 Jul 2017 09:54 PM IST
संजय मिश्र /अमर उजाला, नई दिल्ली
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Modi, Nitish
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नीतीश को महागठबंधन के पाले से खिंचकर अपने पाले में लाने में सफल रहने के बाद भाजपा ने 2019 के लिए अपने चुनावी किले को सुरक्षित कर लिया है। 2014 के बाद बिहार और दिल्ली ही ऐसे राज्य हैं जहां भाजपा को मात खानी पडी थी। दिल्ली में नगर निगम चुनाव में अरविंद केजरीवाल को धूल चटाकर भाजपा ने यहां की हार का बदला तो ले लिया।
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मगर बिहार की कसक उसके जेहन में अब भी कचोट रही थी। अब पार्टी ने नीतीश को महागठबंधन से अलग कर अपनी उस कचोट का हिसाब बराबर कर लिया। बल्कि महागठबंधन के रूप में भविष्य में बनने वाली चुनौती को भी कमजोर कर दिया है। बिहार की तर्ज पर यूपी में बसपा प्रमुख मायावती और सपा के अखिलेश यादव के बीच गठबंधन कराने की विपक्ष की ओर से कवायद चल रही थी।

ताकि 2019 में पीएम मोदी के सामने चुनौती पेश की जा सके। मगर यूपी में महागठबंधन की नीवं पडने से पहले ही भाजपा ने बिहार में महागठबंधन के जनक रहे नीतीश को अपने पाले में कर लिया है। सियासी गलियारे में माना जा रहा है कि नीतीश ने भाजपा के पाले में जाकर पीएम मोदी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर बनने वाले महागठबंधन की कमर तोड दी है।
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कांग्रेस और लालू पर जदयू का हमला

नीतीश के मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने के बाद जदयू ने कांग्रेस और राजद प्रमुख लालू यादव पर समान रूप से हमला बोलकर यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि महागठबंधन के साथ उसका नाता अब समाप्त हो गया है। अब भाजपा के नजदीक आने के बाद नीतीश कुमार राजग में कांग्रेस और यूपीए के खिलाफ तुरूप के इक्का साबित होंगे। नीतीश को आगे कर भाजपा यूपीए के चेहरे को और बेनकाब करेगी।

अब भाजपा के साथ दोबारा पारी खेलेंगे नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने के बाद नीतीश कुमार दोबारा से भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक पारी खेलेंगे। भाजपा ने पूरी तरह से नीतीश को समर्थन देने का मन बना लिया है। या यूं कहें कि भाजपा से राजनीतिक गोटी बैठने के बाद ही नीतीश ने महागठबंधन से नाता तोडते हुए मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दिया है।

उनके इस्तीफे के तुंरत बाद पीएम मोदी ने टवीट कर उनके कदम की सराहना करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई में शामिल पर स्वागत किया है। इसके बाद बिहार भाजपा के विधायकों ने पटना में बैठक कर नीतीश के कदम का स्वागत करते हुए उन्हें समर्थन देने के कवायद में पहला कदम आगे बढाया है। उधरा त्यागपत्र देने के बाद नीतीश ने भी संकेत दिया कि बिहार के विकास के लिए जो भी उचित होगा वे करेंगे।

सूत्र बताते हैं कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार भाजपा के प्रमुख नेताओं से बात कर नीतीश के प्रति मन बनाने को कहा है। बिहार में तेज गति से बदल रही राजनीतिक गतिविधियों को देखकर यह तय माना जा रहा है कि नीतीश कुमार दोबारा से भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक पारी खेलेंगे। हालांकि भाजपा का नीतीश को समर्थन सरकार के बाहर से रहेगा या पहले की तरह सरकार में शामिल होने सरीखा रहेगा, इसपर अंतिम निर्णय
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