राजस्थान हाईकोर्ट ने बीते दिन बहुचर्चित हिंगोनिया गौशाला मामले में अपने फैसले में कहा है कि केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करवाने के लिए राज्य सरकार प्रयास करे। साथ ही कोर्ट ने कहा कि गोकशी करने वालों को आजीवन कारावास का प्रावधान भी कानून में शामिल करवाए। राजस्थान हाईकोर्ट का यह फैसला मवेशियों की खरीद-फरोख्त के संबंध में केंद्र सरकार के नए नोटिफिकेशन पर मद्रास हाईकोर्ट द्वारा चार हफ्ते की रोक के आदेश के ठीक एक दिन बाद आया।
राजस्थान हाईकोर्ट ने हिंगोनिया गौशाला मामले में 7 साल बाद अपना फैसला सुनाया है। खास बात यह है कि इस याचिका पर सुनवाई करने वाले मुख्य न्यायाधीश महेश चंद शर्मा ने अपने रिटायरमेंट के दिन अपना आखिरी फैसला सुनाया।
अमर उजाला डॉट कॉम ने इस विषय पर ऑनलाइन पोल किया। पोल में हमने अपने पाठकों से पूछा था 'क्या आपको भी लगता है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए?'
पोल के जवाब में कुल 23,584 लोगों ने वोट किया। इनमें 82.33 फीसदी (19417) पाठकों ने माना कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। जबकि 15.58 फीसदी (3674) पाठकों का मानना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित नहीं करना चाहिए। वहीं 2.09 फीसदी (493) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।