महाराष्ट्र में कर्जमाफी और फसल की अच्छी कीमत मिलने की मांग कर रहे किसानों ने जमकर आंदोलन किया। सरकार ने किसानों के उग्र होते आन्दोलन पर काबू पाने के लिए नासिक के एक हिस्से में धारा- 144 लगा दी। किसानों ने महाराष्ट्र के शिर्डी, नासिक, पुणे, सातारा और कोल्हापुर जिले में दूध और सब्जी सड़क पर फेंक कर विरोध प्रदर्शित किया है। किसानों की हड़ताल के चलते राज्य में दूध, फल और सब्जी की किल्लत बढ़ने लगी।
अमर उजाला डॉट कॉम ने इस विषय पर पाठकों की राय जानने के लिए ऑनलाइन पोल किया। पोल में हमने अपने पाठकों से पूछा था 'विरोध प्रदर्शित करने के लिए दूध, फल और सब्जियों को सड़क पर फेंक देना क्या सही है?'
पोल के जवाब में कुल 13,050 लोगों ने वोट किया। इनमें 81.44 फीसदी (10628) पाठकों ने माना कि विरोध प्रदर्शन के लिए दूध, फल और सब्जी को सड़क पर फेकना गलत है। जबकि 16.77 फीसदी (2189) पाठकों का मानना है कि विरोध जताने के लिए यह तरीका सही है। वहीं 1.79 फीसदी (233) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।