अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान से 2024 में संयुक्त विपक्ष के चेहरे को लेकर सवाल किया गया। जिसके जवाब में सीएम ने सवाल ही कर दिया और पूछा कि 'क्या 140 करोड़ लोगों को आप चेहरा नहीं मानते?' सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा जब हार जाती है तो स्थानीय नेतृत्व पर ठीकरा फोड़ दिया जाता है और अगर जीत जाती है तो उसे पीएम मोदी की जीत बता दिया जाता है।
2024 में संयुक्त विपक्ष के चेहरे पर ये बोले सीएम मान
आगामी लोकसभा चुनाव में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को संयुक्त विपक्ष का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर सीएम भगवंत मान ने कहा कि 'क्या 140 करोड़ लोगों को आप चेहरा नहीं मानते? चेहरा जनता चुनेगी। क्या मैं पंजाब का चेहरा था? एक हफ्ता दिया गया, वॉट्सएप नंबर दिए गए, तब मेरे बारे में फैसला हुआ। साल 2017 में अमरिंदर सिंह के लिए वोट डाले गए थे, बीच में चन्नी कहां से आ गए?'
'देश ही नहीं रहा तो पार्टियों का क्या मतलब'
सीएम ने कहा कि हरियाणा में खट्टर से पहले कौन चेहरा था? उत्तराखंड में, महाराष्ट्र, बिहार में कौन चेहरा था। अगर हार जाते हैं तो स्थानीय नेताओं ने हरा दिया। जीत जाते हैं तो कहते हैं कि मोदी जी की वजह से जीत गए। तमिलनाडु में एक सीट भाजपा जीत गई तो हल्ला हो गया कि खाता खुल गया लेकिन हम भी जीते हैं पर हमारे बारे में बात नहीं होती! विपक्षी एकजुटता पर सीएम ने कहा कि देश को बचाने के लिए विपक्ष एकजुट हो गया है। भगवंत मान ने कहा कि हो सकता है कि विपक्षी पार्टियों में राज्यों के स्तर पर मतभेद हों लेकिन अगर देश ही नहीं रहा, ये पुतिन के रास्ते पर चले गए तो पार्टियों का क्या मतलब?
'चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दे रहे'
जब सीएम भगवंत मान से सवाल किया गया कि दिल्ली सेवा विधेयक के बहाने संयुक्त विपक्ष की ताकत की परीक्षा होनी थी लेकिन सरकार को राज्यसभा में भी विधेयक को पास कराने में ज्यादा दिक्कत होती नहीं दिख रही है। ऐसे में अब आम आदमी पार्टी की भूमिका क्या होगी? इसके जवाब में सीएम मान ने कहा कि 'आप इसे दिल्ली का बिल मत कहिए, यह लोकतंत्र बचाने का सवाल है। चुनकर आई हुई सरकार को आप काम नहीं करने देंगे। दिल्ली में चपरासी को बदलना हो तो भी क्या प्रधानमंत्री उसे बदलेंगे?'