गांधीजी के विचारों से न केवल भारतीय प्रभावित हैं, बल्कि मार्टिल लूथर किंग से लेकर नेल्सन मंडेला तक उन्ही की राह पर चलते हुए अपने-अपने देशों में अहिंसा को लाने में कामयाब रहे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर नेल्सन मंडेला ने भी दक्षिण अफ्रीका के मूल निवासियों को वहां के गोरे शासकों की जंजीरों से मुक्त कराया था। उसी तरह अमरीका के डाक्टर मार्टिन लूथर किंग ‘जूनियर ने गांधी की अहिंसक रणनीति को अपनाकर वहां के काले लोगों को नागरिकता के वे सब अधिकार दिलाये थे, जो उन्हें प्राप्त नहीं थे।
आज आतंकवाद और परमाणु खतरे के इस दौर में गांधी जी कितने प्रासंगिक हैं अमर उजाला ने गांधीजी के 149वें जन्मदिवस पर अपने पाठकों की गांधी जी के अहिंसा के फार्मूले की प्रासंंगिकता जानने की कोशिश की। अमर उजाला ने अपने पाठकों से गांधी जयंती के अवसर पर पूछा कि " क्या आतंकवाद और परमाणु हमलों की धमकी के बीच बापू का अहिंसा का फार्मूला कारगर होगा?"
इस पोल में 5 हजार पाठकों ने भाग लिया और अपनी राय रखी। इस पोल में राय देने वाले पाठकों में से 69.32 प्रतिशत ने माना कि मौजूदा दौर में बापू का फार्मूला कारगर साबित नहीं होगा। जबकि 27.54 प्रतिशत पाठकों को यकीन है कि बापू का अहिंसा का फार्मूला अभी भी कारगर साबित हो सकता है। केवल 3 प्रतिशत लोगों की इस विषय पर कोई स्पष्ट राय नहीं थी।