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अमर उजाला पाठकों की राय, पीएम मोदी की लोकप्रियता बढ़ी, नोटबंदी का फैसला सबसे प्रभावशाली

Mon, 29 May 2017 10:37 PM IST
amarujala.com- Presented by: मोहित
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केंद्र की मोदी सरकार ने 26 मई को तीन साल पूरे कर लिए। 125  करोड़ देशवासियों की उम्मीदों-अपेक्षाओं के बोझ को लेकर सरकार ने अपना आधे से ज्यादा समय गुजार लिया। ऐसे में हर बीतते साल के साथ इसके कामकाजी प्रदर्शन का आंकलन लाजिमी है। इसी पर आम जनता का मूड और विचार जानने के लिए हमने पाठकों के बीच एक पोल कराया।
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जिसमें हमने अपने पाठकों से मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल के बारे में कुछ सवाल पूछे। इस पोल में 25041 से भी ज्यादा पाठकों ने हिस्सा लिया। 

आइए जानने की कोशिश करते हैं कि 7 प्रमुख बिंदुओं पर सरकार का प्रदर्शन कैसा रहा।

शहादत पर क्या भाजपा सरकार की नीतियों से आप असंतुष्ट

- फोटो : SELF
सवाल 1. क्या आप NDA सरकार की कार्यप्रणाली को UPA सरकार से बेहतर मानते हैं?

देशवासियों की उम्मीदों पर भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई एनडीए सरकार के कार्यकाल की यूपीए से तुलना की गई। पोल में 63.99 फीसदी (2351) वोटर्स ने कहा कि वह एनडीए सरकार की कार्यप्रणाली को यूपीए सरकार से बेहतर मानते हैं। वहीं  33.37 फीसदी (1226) वोटर्स नहीं में जवाब दिया। 2.64 फीसदी (97) वोटर्स इस सवाल पर अपनी कोई राय नहीं रख सके।

सवाल 2. आए दिन हो रही जवानों की शहादत पर क्या भाजपा सरकार की नीतियों से आप संतुष्ट हैं?

आय दिन सैनिकों की शहादत पर भाजपा सरकार की नीतियां सवालों के घेरे में हैं। वहीं विपक्ष ने सरकार नीतियों को असफल करार दिया है। इस मुद्दे पर कुल 3667 पाठकों ने हिस्सा लिया। जिसमें से  42.27 फीसदी (1550) वोटर्स ने कहा वह सरकार की नीतियों से संतुष्ट हैं। वहीं  55.41 फीसदी (2032) वोटर्स ने माना कि वह आए दिन हो रही शहादत पर भाजपा सरकार की नीतियों से संतुष्ट नहीं हैं। जबकि 2.32 फीसदी (85) वोटर्स ने इस पर कोई राय जाहिर नहीं की।


 

मोदी सरकार काले धन पर लगाम लगाने में सफल

- फोटो : SELF
सवाल 3. तीन साल के कार्यकाल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में क्या फर्क आया?

इस मुद्दे पर कुल 3659 पाठकों ने हिस्सा लिया। जिसमें से 60.7 फीसदी (2221) वोटर्स ने माना कि इस दौरान उनकी लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। वहीं 35.86 फीसदी (1312) वोटर्स का मानना है कि मोदी की लोकप्रियता घटी है। वहीं 3.44 फीसदी (126) वोटर्स ने कुछ भी राय देने से इनकार किया।

सवाल 4. क्या मोदी सरकार काले धन पर लगाम लगाने में सफल हुई है?

चुनाव के दौरान मोदी सरकार का सबसे बड़ा वादा था कि वह काले धन के खिलाफ कड़ा प्रहार करेगी। जिसके लिए सरकार ने कई कदम भी उठाए, नोटबंदी भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण फैसला था।

इसी विषय पर पाठकों ने अपनी राय जाहिर की। 52.57 फीसदी  (1901) वोटर्स ने हां में जवाब देते हुए कहा कि मोदी सरकार काले धन पर लगाम लगाने में सफल हुई। वहीं 46.07 फीसदी (1666) वोटर्स ने कहा कि सरकार काले धन पर लगाम लगाने में असफल रही है। जबकि 1.36 फीसदी (49) वोटर्स ने कोई राय जाहिर नहीं की।
 
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मोदी सरकार तीन साल के कार्यकाल में चुनावी वादों को पूरा करने में सफल

नरेंद्र मोदी - फोटो : Source
सवाल 5. क्या मोदी सरकार तीन साल के कार्यकाल में चुनावी वादों को पूरा करने में सफल रही है?

मोदी सरकार ने चुनावों से पहले कई सारे वायदे किए। जिनमें सरकार के कई कार्यक्रमों और योजनाओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है जिनमें प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना प्रमुख हैं। वहीं कुछ वादे अभी भी अधूरे हैं।

इस मुद्दे पर हुए पुल में कुल 3597 पाठकों ने हिस्सा लिया। इस सवाल पर हमें मिलाजुला जवाब मिला। 47.9 फीसदी (1723) वोटर्स ने कहा कि सरकार इसमें सफल हुई है जबकि  50.24 फीसदी (1807) वोटर्स ने कहा कि सरकार वादों का पूरा करने में असफल रही है। जबकि 1.86 फीसदी (67) वोटर्स ने इसपर कोई राय जाहिर नहीं की।

सवाल 6. क्या आप पाकिस्तान के प्रति मोदी सरकार की नीतियों को सही मानते हैं?

पाकिस्तान के विरुद्ध मोदी सरकार की नीतियां शुरू से ही सवालों के घेरे में रही हैं। हालांकि पाकिस्तान के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक ने सरकार को रातोरात वाहवाही दिलवाई, लेकिन इससे इतर ज्यादातर मौकों पर सरकार सवालों से ही घिरी नजर आई है।

इस विषय पर 3512 पाठकों ने राय जाहिर की। जिसमें  53.27 फीसदी (1871)  वोटर्स ने माना कि पाकिस्तान के प्रति मोदी सरकार की नीतियों को सही मानते हैं। जबकि  44.56 फीसदी (1565) ने माना कि इस मामले में सरकार की नीतियों सही नहीं हैं। जबकि 2.16 फीसदी  (76) ने इस पर कोई राय जाहिर नहीं की।

सवाल 6. मोदी सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल का सबसे प्रभावशाली निर्णय कौन सा रहा?

यूं तो मोदी सरकार ने तीन वर्ष के कार्यकाल में कई प्रभावशाली निर्णय लिए। इन्हीं में से कुछ नोटबंदी, जीएसटी, स्वच्छ भारत अभियान और जनधन योजना पर सरकार के निर्णयों पर हमने जनता की राय जाननी चाही। 

इस मुद्दे पर कुल 3316 पाठकों ने अपनी राय जाहिर की।  60.83 फीसदी (2017) ने माना कि नोटबंदी सरकार का सबसे प्रभावशाली फैसला था। 18.21 फीसदी  (604) ने जीएसटी को प्रभावशाली निर्णय माना। स्वच्छ भारत अभियान को 15.95 फीसदी (529) ने प्रभावशाली करार दिया। जबकि जनधन योजना को प्रभावशाली मानने वाले महज 5.01 फीसदी (166) ही थे।


 
 
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